शेयर बाज़ार अपडेट

अमेरिका-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल के उछाल से लुढ़का शेयर बाजार, निफ्टी 23,858 और सेंसेक्स 76,471 पर फिसला
पश्चिम एशिया में गहराए भू-राजनीतिक संकट के चलते मंगलवार को भारतीय इक्विटी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर वैश्विक रुझानों के बीच शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 472.96 अंक यानी 0.61 प्रतिशत गिरकर 76,471.32 पर आ गया, जबकि निफ्टी 197.80 अंक या 0.82 प्रतिशत के नुकसान के साथ 23,858.00 के स्तर पर फिसल गया।
बाजार में बिकवाली का रुख काफी व्यापक रहा और लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। गिरावट की अगुवाई निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांकों ने की, जहां सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया।
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी भारी दबाव देखा गया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 725.80 अंक (1.15 प्रतिशत) टूटकर 62,608.70 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 199.85 अंक (1.00 प्रतिशत) की नरमी के साथ 19,686.40 पर आ गया। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो सेंसेक्स पैक में सिर्फ अदाणी पोर्ट्स और सन फार्मा ही बढ़त के साथ हरे निशान में टिकने में कामयाब रहे। दूसरी ओर इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, इंडिगो, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, बीईएल, एशियन पेंट्स, इटरनल, आईटीसी, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और टाइटन में गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी निराशाजनक परिदृश्य रहा। एशियाई बाजारों में टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल और बैंकॉक के बाजारों में बिकवाली हावी रही। वहीं इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स 0.79 प्रतिशत और नैस्डैक 1.03 प्रतिशत नीचे रहा।
बाजारों में इस अफरा-तफरी की वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुआ युद्ध है। विदेशी मीडिया की खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर कई स्ट्राइक कीं। इन हमलों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, नौसैनिक संपत्तियां, माइन बिछाने की क्षमताएं और संचार केंद्र शामिल रहे। प्रत्युत्तर में ईरान द्वारा इराक और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए गए। इस घटनाक्रम से कच्चे तेल के दाम तेजी से उछले हैं, जहां ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।



