शेयर बाज़ार अपडेट

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी, सेंसेक्स 76,724 और निफ्टी 23,997 के पार

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती सत्र में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसके सहारे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 154.60 अंक यानी 0.20 प्रतिशत चढ़कर 76,724.95 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 83.50 अंक अथवा 0.36 प्रतिशत की मजबूती दर्ज करते हुए 23,997.95 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार की इस शुरुआती तेजी की अगुवाई मुख्य रूप से वित्तीय और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने की। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शीर्ष सूचकांक रहे। इनके अलावा मीडिया, मेटल, सर्विसेज, एनर्जी और कमोडिटीज सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी का रुख बना रहा। दूसरी तरफ, मुनाफावसूली के दबाव में आईटी, एफएमसीजी, फार्मा, हेल्थकेयर और कंजम्पशन सेक्टर के सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 166 अंक (0.26 प्रतिशत) की बढ़त लेकर 63,165 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 168 अंक (0.85 प्रतिशत) की छलांग लगाकर 19,981 के स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख स्टॉक्स रहे। इसके विपरीत टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट देखी गई।

वैश्विक स्तर पर भी भारतीय बाजार को अनुकूल समर्थन मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, जकार्ता और सोल सहित अधिकांश एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हुआ, जबकि केवल हांगकांग का बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में था। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त पर बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स में 0.56 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.45 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी।

आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने भारत समेत वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है। इसके अतिरिक्त, एफसीएनआर (बी) जमा में रिकॉर्ड 136 अरब डॉलर का निवेश आने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलने और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। बाजार के इस सकारात्मक रुख की पुष्टि बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से की गई 9,500 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी से भी होती है।

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