भारत के तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर, रक्षा और व्यापार संबंधों पर होगी द्विपक्षीय वार्ता

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर गुरुवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। पिछले वर्ष फरवरी माह में पदभार संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। इस महत्वपूर्ण यात्रा पर उनके साथ बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकेन सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
राजधानी पहुंचने पर विदेश मंत्रालय की ओर से उनका औपचारिक स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनकी अगवानी की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए रेखांकित किया कि यह दोनों देशों के बीच बहुआयामी और प्रगाढ़ रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
अपनी इस यात्रा के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के संपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विस्तार से मंथन होगा। इस वार्ता का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा साझेदारी, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत प्रौद्योगिकी और भारत-यूरोपीय संघ के व्यापक संबंधों को और गति देना है।
नई दिल्ली में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों के तहत प्रधानमंत्री डी वेवर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक व्यापारिक सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे, जिसमें भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में चर्चा होगी। राष्ट्रीय राजधानी का कार्यक्रम पूरा करने के बाद वे मुंबई का रुख करेंगे, जहां वे बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और हीरा उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ बैठकें करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क सहित अनेक अहम क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करेगा। उल्लेखनीय है कि सितंबर 1947 में भारत की आजादी के तुरंत बाद राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले यूरोपीय देशों में बेल्जियम प्रमुख था। ब्रसेल्स स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक दोनों देशों के संबंध कानून के राज, संघवाद और बहुलवादी परंपराओं जैसे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। साथ ही, बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन करता है।



