पैरा तीरंदाजी सीरीज: शीतल देवी ने शूट-ऑफ में साधा स्वर्णिम निशाना, भारतीय दल को मिले दो स्वर्ण सहित छह पदक

विश्व आर्चरी पैरा सीरीज स्टेज-3 के अंतिम दिन बुधवार को भारतीय तीरंदाजों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए दो स्वर्ण और चार कांस्य पदकों पर कब्जा जमाया। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी शीतल देवी ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में संयमित खेल का परिचय देकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि पैरा रिकर्व मिश्रित युगल में हरविंदर सिंह और भावना की जोड़ी भी चैंपियन बनी।
महिला व्यक्तिगत कंपाउंड के फाइनल में शीतल का सामना कजाकिस्तान की आइजादा सेइदान से था। पहले चक्र में दोनों ने पूरे 30 अंक बटोरे और दूसरे चक्र के बाद स्कोर 59-59 रहा। तीसरे चरण में आइजादा के 28 अंकों के मुकाबले शीतल 27 अंक ही हासिल कर पाईं, जिसके चलते कजाक तीरंदाज ने बढ़त हासिल कर ली। चौथे राउंड में दोनों ने 29-29 का स्कोर किया, जिससे शीतल एक अंक के अंतर से पीछे चल रही थीं।
अंतिम राउंड में शीतल ने जबरदस्त वापसी करते हुए 29 अंक जुटाए, जबकि आइजादा का स्कोर 28 रहा। स्कोर 144-144 से बराबर होने पर शूट-ऑफ का सहारा लिया गया। निर्णायक तीर पर शीतल ने सटीक 10 अंक अर्जित किए, जबकि आइजादा केवल 9 अंक ही ले पाईं और भारत को स्वर्ण पदक मिल गया।
व्यक्तिगत स्पर्धा के अलावा शीतल ने टोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा का कांस्य पदक भी हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने इराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम को 157-145 से परास्त किया। इस मैच के पहले तीन राउंड में 39-39 अंक और चौथे राउंड में परफेक्ट 40 का स्कोर करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने पूरी प्रतियोगिता में मात्र तीन अंक छोड़े।
पैरालंपिक स्वर्ण विजेता हरविंदर सिंह और भावना की जोड़ी ने पैरा रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा के खिताबी मैच में चीन के लियांग किउरोंग और जिया लेई को 6-0 से मात देकर स्वर्ण हासिल किया। भारतीयों ने पहले सेट को 35-31, दूसरे को 36-33 और तीसरे सेट को 34-32 से जीतकर मैच में क्लीन स्वीप किया।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारत ने अपनी छाप छोड़ी। भावना ने महिला रिकर्व वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में साथी भारतीय तीरंदाज राजश्री राठौड़ को 6-0 से हराया। महिला कंपाउंड वर्ग में सरिता ने चीनी खिलाड़ी वांग हुइटिंग को बेहद करीबी मैच में 141-140 से हराकर कांस्य पदक प्राप्त किया। पुरुष कंपाउंड स्पर्धा में टोमन कुमार ने इराक के अब्बास काधिम पर 143-138 से जीत दर्ज कर कांस्य हासिल किया, जो टूर्नामेंट में उनका दूसरा पदक सिद्ध हुआ।



