मध्य प्रदेश बना बिजली सरप्लस राज्य, किसानों को अगले सीजन से दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल के रवींद्र भवन में पॉवर इंजीनियर्स एंड एम्पलॉइज एसोसिएशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऊर्जा विभाग के कर्मचारियों के समर्पण से मध्य प्रदेश ‘बिजली गुल’ से ‘बिजली फुल’ वाला अधिशेष (सरप्लस) राज्य बन गया है। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ से जुड़े संगठन ने कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सभी को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 29 हजार मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता में 30 प्रतिशत योगदान क्लीन एनर्जी का है और मध्य प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। पिछले 12 सालों में राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 25 गुना से ज्यादा बढ़कर 11 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि दुबई के ‘इन्वेस्ट एमपी’ सम्मेलन में 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव मिले, जिनमें सौर ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन अग्रणी रहे। राज्य में ऊर्जा विस्तार के तहत सतपुड़ा और अमरकंटक ताप विद्युत गृहों में नई उत्पादन इकाइयों को हरी झंडी दे दी गई है।

औद्योगिक और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को रेखांकित करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटरों के विस्तार से बढ़ने वाली खपत के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की सुविधा बढ़ाते हुए अगले सीजन से फसलों की सिंचाई हेतु दिन के समय 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी राज्यों को समान विकास के अवसर मिले हैं।

कर्मचारी कल्याणकारी कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्युत कंपनियों में 20 वर्षों से लंबित फ्रिंज बेनिफिट्स का समाधान करते हुए नाइट शिफ्ट, वाहन और क्षतिपूर्ति भत्तों को रिवाइज किया गया है, जिससे 25 हजार अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं। इसके साथ ही 9 हजार से अधिक कर्मियों को पदोन्नत किया गया, अभियंताओं की तीन वेतन विसंगतियां दूर की गईं और कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिक्लेम व सोलर रूफटॉप योजना शुरू की गई।

प्रशासनिक स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां की जा चुकी हैं तथा 1 लाख से अधिक कर्मचारियों के प्रमोशन का समाधान निकाला गया है, जिसे वर्तमान वर्ष में दोबारा शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अभियंताओं के योगदान की सराहना की। इस अवसर पर कुलदीप सिंह गुर्जर, संघ के महासचिव अजय कुमार मिश्रा, रामनाथ गणेशे, सुशील पांडे और राजन नायर सहित विद्युत क्षेत्र के अनेक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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