एनसीसी महिला कैडेटों ने पूरा किया ‘अपराजिता-परांग ला’ अभियान, 30 दिनों में पार किया 5,578 मीटर ऊंचा दर्रा

राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की महिला कैडेटों ने 16 सितंबर 2026 को लद्दाख के करज़ोक में ‘अपराजिता-परांग ला 2026’ नामक उच्च-ऊंचाई ट्रेकिंग अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस उपलब्धि के अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने करज़ोक पहुंचकर अभियान दल का अभिनंदन किया।
इस विशेष अखिल भारतीय अभियान में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 20 बालिका कैडेट शामिल थीं। टीम ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी और लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र के बीच स्थित 5,578 मीटर ऊंचे दुर्गम परांग ला दर्रे को सफलतापूर्वक पार करने में सफलता हासिल की।
लगभग 250 किलोमीटर लंबी यह चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग यात्रा 30 दिनों के भीतर संपन्न हुई। इस दौरान दल को विशाल ग्लेशियरों, विस्तृत बर्फ के मैदानों और जोखिम भरी नदी घाटियों जैसे अत्यंत कठिन उच्च-पर्वतीय रास्तों से गुजरना पड़ा। कैडेटों के साथ अधिकारियों, प्रशिक्षकों, मेडिकल स्टाफ और सहायक कर्मियों का दस्ता भी मौजूद था, जिन्होंने हिमाचल के किब्बर से लेकर लद्दाख के करज़ोक तक का यह सफर एक साथ पूरा किया।
उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित अभियान की शुरुआत नई दिल्ली से हुई थी, जहां 18 अगस्त 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
अभियान के सफल समापन पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने सभी कैडेटों और सहयोगी दल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के साहसिक आयोजन युवाओं के भीतर नेतृत्व गुण, परस्पर सहयोग, आत्मबल और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता को सुदृढ़ करते हैं।
इस ट्रेक का मुख्य मकसद देश की युवा महिलाओं को साहसिक क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अत्यधिक ऊंचाई वाले दुर्गम वातावरण के अनुकूल बनाना था। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों से आई कैडेटों को एक साझा मंच पर जोड़कर राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करना भी इसका प्रमुख ध्येय रहा।



