भारत भूटान की प्रगति व खुशहाली के लिए पूरी तरह संकल्पित: विदेश मंत्री एस. जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को थिम्फू में भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान कहा कि भारत अपने पड़ोसी देश भूटान की प्रगति और संवृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह संवाद आपसी साझेदारी को नई दिशा देने के संदर्भ में हुआ।
जयशंकर दोनों मुल्कों के ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधों और आपसी तालमेल को अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भूटान पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से भेंट के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भूटानी नेतृत्व को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों की विशिष्ट मित्रता और परस्पर सहयोग के प्रति टोबगे के सकारात्मक दृष्टिकोण को अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया।
पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग बढ़ाते हुए विदेश मंत्री ने इस अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री को 54 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सौंपे। जयशंकर ने रेखांकित किया कि भारत भूटान के ई-मोबिलिटी और सतत परिवहन के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इससे पहले, बुधवार को पारो हवाई अड्डे पर आगमन पर भूटान के विदेश मंत्री डी.एन. ढुंग्येल ने भारतीय विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया था। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विकास साझेदारी, ऊर्जा, द्विपक्षीय व्यापार, ढांचागत कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-जन के आपसी संपर्कों को गति देने पर व्यापक सहमति बनी।
यात्रा के दौरान बुनियादी ढांचे से जुड़ी अहम परियोजनाओं का भी शुभारंभ हुआ। विदेश मंत्री ने मोंगर में 65 बिस्तरों वाले ‘ग्यालत्सुएन जेट्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ का औपचारिक लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उत्तरी भूटान के गासा में 500 किलोवाट क्षमता वाली ‘लुनाना हाइड्रोपावर परियोजना’ की आधारशिला रखी।


