थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सेंट पीटर्सबर्ग की मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का किया दौरा, आधुनिकीकरण पर हुई चर्चा

भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान शनिवार को सेंट पीटर्सबर्ग स्थित ‘मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अकादमी के संकाय सदस्यों के साथ तोपखाने के आधुनिकीकरण और संबंधित प्रशिक्षण प्रणालियों पर विस्तृत विमर्श किया।
भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजी पीआई) ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस दौरे का विवरण साझा किया। सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस आधिकारिक यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ को सेंट पीटर्सबर्ग के ऐतिहासिक पीटर एंड पॉल फोर्ट्रेस में पारंपरिक तोप दागने का विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया।
अकादमी के संकाय से बातचीत करते हुए थल सेना प्रमुख ने वर्तमान सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप आर्टिलरी क्षमता के विकास और प्रशिक्षण पद्धतियों पर ध्यान केंद्रित किया। इस विचार-विमर्श में आधुनिक तकनीकों के समन्वय और सैन्य प्रशिक्षण के तौर-तरीकों को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
सेना के आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस तरह की यात्राओं से दोनों देशों के सैन्य संस्थानों के बीच पारस्परिक संपर्क और पेशेवर सहभागिता को गति मिलती है। इसके साथ ही सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों को साझा करने, सर्वोत्तम सैन्य अभ्यासों को सीखने और संस्थागत स्तर पर आपसी तालमेल को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई।
भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में पहले से ही दीर्घकालिक और व्यापक संबंध स्थापित हैं। ऐसे में इस प्रकार के संस्थागत संवाद दोनों देशों की सेनाओं के पेशेवर संबंधों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ तोपखाने के आधुनिकीकरण और साझा अनुभवों के आदान-प्रदान में अहम भूमिका निभाते हैं।
थल सेना प्रमुख के इस रूसी दौरे के अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में मास्को में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करना, अनाम सैनिकों के स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करना, रशियन लैंड फोर्सेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रशिक्षण व सहयोग पर मंत्रणा करना और नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का दौरा शामिल रहा। सेंट पीटर्सबर्ग स्थित आर्टिलरी अकादमी का दौरा इसी यात्रा कार्यक्रम की एक प्रमुख कड़ी थी।



