आईटी और वित्तीय शेयरों में बिकवाली से फिसला बाजार, 85 अंक गिरकर 23,329 पर आया निफ्टी

मंगलवार को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की बढ़त पर ब्रेक लग गया और सूचकांक नुकसान के साथ बंद हुए। वित्तीय और आईटी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट के चलते निफ्टी50 की लगातार चार दिनों की तेजी थम गई। बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में 0.44 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 329.91 अंक अथवा 0.44 प्रतिशत टूटकर 74,529.08 पर बंद हुआ। इसी प्रकार, निफ्टी50 सूचकांक 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329.00 के स्तर पर पहुंच गया। व्यापक बाजार के रुझान भी सुस्त रहे, जहां निफ्टी मिडकैप 0.08 प्रतिशत तथा निफ्टी स्मॉलकैप 0.23 प्रतिशत की मंदी के साथ लाल निशान में बंद हुए।
सेक्टरवार आंकड़ों के अनुसार, बिकवाली का दायरा काफी व्यापक रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी सीमेंट, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, बाजार के नकारात्मक रुझान के विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली।
स्टॉक विशेष की बात करें तो निफ्टी50 पैक में कोल इंडिया ने 3.2 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में इटरनल, इंडिगो, टाइटन और डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज भी शामिल रहे। इसके विपरीत, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, ग्रासिम, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और टीसीएस सर्वाधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों की सूची में रहे।
वैश्विक मोर्चे पर चार सत्रों की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें दोबारा 99 से 100 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गई हैं। इसके अलावा विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा, जिससे मुद्रास्फीति और आयात लागत बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।



