कच्चे तेल में स्थिरता से बाजार को मिली राहत; 118 अंक सुधरा निफ्टी, सेंसेक्स 74,828 पर टिका

बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों के बीच कच्चे तेल के दाम लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर टिकने से घरेलू बाजार को सहारा मिला, जिसके दम पर सेंसेक्स और निफ्टी में 0.50 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया।
सत्र की समाप्ति पर सेंसेक्स 299.17 अंक (0.40 फीसदी) चढ़कर 74,828.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी50 इंडेक्स 117.80 अंक (0.5 फीसदी) की तेजी के साथ 23,446.80 के स्तर पर बंद होने में सफल रहा। मुख्य सूचकांकों के साथ मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी लिवाली दिखी, जिससे निफ्टी मिडकैप 0.70 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.89 फीसदी मजबूत हुए।
सेक्टोरल आधार पर मेटल शेयरों ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.4 फीसदी की तेजी दर्ज की। इसके अलावा एफएमसीजी, पीएसयू बैंकिंग, रियल्टी और सीमेंट इंडेक्स ने भी अपने प्रतिस्पर्धी समूहों से बेहतर प्रदर्शन किया और 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ आईटी में 0.87 फीसदी तथा मीडिया इंडेक्स में 0.50 फीसदी की गिरावट रही, जिससे ये दोनों सेक्टर सत्र के सबसे कमजोर क्षेत्र साबित हुए।
कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी50 में हिंडाल्को, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और अपोलो हॉस्पिटल टॉप गेनर्स बनकर उभरे। साथ ही ग्रासिम, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), अदाणी पोर्ट्स और पावरग्रिड के शेयरों में भी खरीदारी रही। इसके विपरीत एचसीएल टेक, टाइटन, इंफोसिस, कोल इंडिया, टीसीएस, विप्रो, एनटीपीसी, बीईएल और ट्रेंट के शेयरों पर दबाव बना रहा और वे नुकसान में बंद हुए।
कुल मिलाकर, धातु और बैंक शेयरों में आई खरीदारी तथा व्यापक बाजार की भागीदारी ने बाजार के मूड को सकारात्मक बनाए रखा, हालांकि तकनीकी कंपनियों (आईटी) में सुस्ती के कारण बेंचमार्क सूचकांकों की तेजी एक सीमित दायरे में सिमट कर रह गई।



