आइची-नागोया एशियन गेम्स: 60 किग्रा वुशु में रोशिबिना देवी चमकीं, भारत की झोली में डाला सिल्वर मेडल

जापान के आइची-नागोया में जारी 2026 एशियन गेम्स में गुरुवार को भारतीय दल ने वुशु स्पर्धा में अपनी सफलता दर्ज कराई। अनुभवी एथलीट रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किलोग्राम सांडा इवेंट में शानदार खेल दिखाते हुए भारत को रजत पदक दिलाया।
स्वर्ण पदक के लिए हुए निर्णायक मुकाबले में रोशिबिना की भिड़ंत चीन की मजबूत दावेदार झांग शियाओयू से हुई। इस मुकाबले में चीनी खिलाड़ी शुरू से ही हावी रहीं और उन्होंने दोनों राउंड में 5-0 की स्पष्ट बढ़त बनाते हुए कुल 10-0 से जीत दर्ज कर ली। इस 0-2 की शिकस्त के साथ भारतीय खिलाड़ी का सफर रजत पदक पर समाप्त हुआ।
प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में रोशिबिना ने बेहतरीन लय का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मकाओ की चू मान सिन को 5-0 के अंतर से बाहर का रास्ता दिखाया। सांडा वर्ग के नियमों के तहत सेमीफाइनल में प्रवेश करते ही कम से कम कांस्य पदक पक्का हो जाता है। इसके बाद रोशिबिना ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 2-0 से पराजित कर फाइनल का टिकट कटाया था।
मणिपुर की रहने वाली 25 वर्षीय रोशिबिना का एशियन गेम्स में पदक जीतने का यह तीसरा अवसर है। उन्होंने पहली बार 2018 के जकार्ता-पालेमबांग खेलों में मात्र 17 साल की उम्र में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद वर्ष 2023 में हांगझोऊ खेलों के दौरान उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया था। अब 2026 में भी उन्होंने उसी कॉम्बैट अनुशासन में दूसरा लगातार रजत पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की है।
गौरतलब है कि इस बार रोशिबिना का टीम में चयन अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद हुआ था। घुटने की चोट से उबरने के बाद वे ट्रायल्स में दिव्यांशी चौधरी के खिलाफ हार गई थीं। इसके चलते 22 अगस्त को खेल मंत्रालय की स्वीकृत सात सदस्यीय टीम में उनका नाम शामिल नहीं था। दिव्यांशी को इस भार वर्ग के लिए चुना गया था, किंतु उन्हें हाई-ग्रेड एसीएल टियर की गंभीर समस्या हो गई। इसके बाद वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दिव्यांशी की जगह रोशिबिना को दल में शामिल किया।
रोशिबिना इस बार अपने पिछले प्रदर्शन को बेहतर कर स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरी थीं। भले ही वे खिताबी जीत दर्ज नहीं कर सकीं, लेकिन लगातार दूसरे एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल करना उनके समर्पण और उच्च स्तरीय खेल को रेखांकित करता है।
