त्रिपुरा में स्वास्थ्य तंत्र मजबूत: राज्य में 1,110 आरोग्य मंदिर स्थापित, बाहर रेफर होने वाले मरीजों में 80% गिरावट
त्रिपुरा में आम नागरिकों को त्वरित प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अब तक 1,110 आरोग्य मंदिरों की स्थापना की है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने गुरुवार को अगरतला के अरुंधतिनगर में नवनिर्मित शहरी पॉलीक्लिनिक और पश्चिम त्रिपुरा के पांच अन्य आरोग्य मंदिरों का लोकार्पण करते हुए यह जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सशक्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने 2.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 12 कमरों वाले अरुंधतिनगर शहरी पॉलीक्लिनिक का प्रत्यक्ष उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम त्रिपुरा जिले के राधानगर, जगहरिमुरा, उजान अभयनगर, धलेश्वर तथा रामकृष्ण शिवालय आश्रम स्थित पांच शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (आरोग्य मंदिरों) की वर्चुअल माध्यम से शुरुआत की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना और स्वास्थ्य तंत्र को आधुनिक बनाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
चिकित्सा ढांचे में हुए सुधारों के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए डॉ. साहा ने बताया कि राज्य के बाहर इलाज के लिए भेजे जाने वाले मरीजों के मामलों में 80 प्रतिशत तक की महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में कुल 555 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बाहर भेजा गया था, जबकि 2026 में यह संख्या घटकर केवल 161 रह गई है। सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को इलाज के अभाव में राज्य छोड़कर न जाना पड़े।
दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां स्थापित सैटेलाइट स्वास्थ्य केंद्र अंतिम छोर के व्यक्ति तक उपचार पहुंचाने में अहम माध्यम बने हैं। ग्रामीण चिकित्सालयों में सेवारत चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा आशा बहनें निष्ठापूर्वक इस दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। इसके साथ ही ‘ई-संजीवनी’ और टेलीमेडिसिन तंत्र ने परामर्श सेवा को अत्यधिक सुगम बनाया है। इस व्यवस्था को और सशक्त रूप देने के लिए जीबीपी (GBP) अस्पताल में एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक टेलीमेडिसिन स्टूडियो भी तैयार किया जा रहा है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य में समेकित स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली (आईएचएमएस) लागू की जा रही है। साथ ही, चिकित्सा और पर्यटन क्षेत्र के तालमेल से त्रिपुरा को स्वास्थ्य पर्यटन (मेडिकल टूरिज्म) के एक प्रमुख केंद्र के तौर पर विकसित करने का प्रयास जारी है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजीब भट्टाचार्य, अगरतला नगर निगम के मेयर व विधायक दीपक मजूमदार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य मिशन निदेशक साजू वाहिद ए., पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी विशाल कुमार और स्वास्थ्य विभाग की निदेशक देबश्री देबबर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



