यूएई ने यूएनजीए में उठाया खाड़ी संकट और तीन द्वीपों का विवाद, कूटनीतिक समाधान पर दिया बल

खाड़ी के अशांत माहौल के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर संयम बरतने की अपील करते हुए सभी मतभेदों को वार्ता के माध्यम से सुलझाने पर बल दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान यूएई ने आगाह किया कि खाड़ी क्षेत्र का मौजूदा संकट केवल स्थानीय न होकर पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
देश का पक्ष रखते हुए यूएई के विदेश राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने स्पष्ट किया कि अमीरात की कूटनीतिक प्राथमिकता तनाव घटाने, दूरियां मिटाने और शांतिपूर्ण उपायों से समाधान तलाशने की रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया कि यूएई अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अवैध बल प्रयोग, सैन्य धमकियों और अनुचित दबाव की नीति का स्पष्ट तौर पर विरोध करता है।
अल मरार ने होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित तीन प्रमुख सामरिक द्वीपों—अबू मूसा, ग्रेटर टुनब और लेसर टुनब—पर ईरानी आधिपत्य का मसला उठाते हुए कहा कि अमीराती भूभाग पर ईरान का यह नियंत्रण अस्वीकार्य है। उन्होंने इस विवाद के स्थायी व शांतिपूर्ण समाधान की मांग करते हुए कहा कि इसे प्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत या फिर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के जरिए निपटाया जा सकता है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ईरान ने 1971 से इन द्वीपों पर अपना अधिकार जमा रखा है और वहां उसकी सैन्य शाखा आईआरजीसी के ठिकाने सक्रिय हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अबू मूसा और ग्रेटर टुनब पर हालिया अमेरिकी हमलों की पृष्ठभूमि में यूएई ने सुरक्षित नौवहन का प्रश्न उठाया। मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संधियों और देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन की हिफाजत को अनिवार्य बताया।
संकटों के बीच अमीरात की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस राष्ट्र का निर्माण बाधाओं से बचकर नहीं, बल्कि उनका साहसपूर्वक सामना करके हुआ है। वहीं, इजरायल के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बावजूद यूएई ने फलस्तीनी इलाकों में जारी कार्रवाइयों पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने वेस्ट बैंक में बढ़ती गतिविधियों, बस्तियों के निर्माण, बसने वालों की हिंसा और पूर्वी यरुशलम के पवित्र स्थलों पर हो रहे अतिक्रमणों को फौरन बंद करने की पैरवी की।
गौरतलब है कि यह वक्तव्य उन मीडिया रिपोर्टों के तत्काल बाद आया है, जिनके अनुसार इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को ही अबू धाबी पहुंचकर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ वार्ता की थी।



