अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टाले ‘ग्राहम एक्ट’ के कड़े प्रतिबंध, रूस ने फैसले को द्विपक्षीय संबंधों के लिए बताया सकारात्मक

वॉशिंगटन द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद से संबंधित ‘ग्राहम एक्ट’ के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के बाद मॉस्को की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस शासकीय निर्णय की सराहना करते हुए इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अहम पड़ाव करार दिया।
रूसी समाचार एजेंसी ‘टास’ के हवाले से जारी बयान में दिमित्रिएव ने टेलीग्राम पर लिखा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा ग्राहम एक्ट को निलंबित करने का कदम वास्तव में ऐतिहासिक है। उनका मानना है कि यह फैसला दंडात्मक कार्रवाई और टकराव की नीति से हटकर कूटनीतिक बातचीत, साझा आर्थिक लाभ और वैश्विक व्यवस्था को स्थिर रखने की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिमित्रिएव के अनुसार, यदि इस कानून को बिना किसी रियायत के लागू कर दिया जाता, तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक आवाजाही लगभग समाप्त हो जाती। इसका सीधा नुकसान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ-साथ खुद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी भुगतना पड़ता। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे को मजबूती देती है और भविष्य में स्थायी शांति का आधार तैयार करती है।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि अमेरिकी संसद द्वारा पारित उस कानून से जुड़ी है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 सितंबर को अपनी मंजूरी दी थी। इस कानून के तहत रूस के उच्च सैन्य-राजनीतिक अधिकारियों, सार्वजनिक उद्यमों और उनके साथ व्यापार करने वाले तीसरे पक्षों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की गई थी।
प्रावधानों के अनुसार, कानून पर दस्तखत के एक महीने के भीतर यानी 18 अक्टूबर तक प्रशासन को लक्षित कंपनियों और व्यक्तियों की सूची तय करनी थी। इसके साथ ही राष्ट्रपति को यह अधिकार भी दिया गया था कि यदि प्रतिबंध देशहित में न हों, तो वे कांग्रेस को सूचित कर इसके कुछ हिस्सों को निलंबित कर सकते हैं।
मॉस्को में ट्रंप के इस ताजा आदेश को एक कूटनीतिक नरमी के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे दोनों पक्षों को व्यापार और संवाद के रास्ते खुले रखने में मदद मिलेगी।



