अस्पताल में भर्ती लालकृष्ण आडवाणी की स्थिति स्थिर, जेपी नड्डा ने लिया स्वास्थ्य का जायजा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल जाकर उपचाराधीन भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सेहत का जायजा लिया और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की वर्तमान प्रगति पर चर्चा की।
98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत उभरने के बाद 16 अक्टूबर (शुक्रवार) की देर शाम लगभग 7:30 बजे अपोलो अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका सघन उपचार जारी है और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह स्थिर है।
यह उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मई माह में भी वृद्धावस्था जनित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आडवाणी को इसी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जहां कुछ दिन उपचाराधीन रहने और स्थिति सामान्य होने के पश्चात उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।
पूर्व में दिसंबर 2024 के दौरान भी स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के उद्देश्य से उन्हें इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया था। वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में उनका इलाज चला था, जिसके बाद 17 दिसंबर 2024 को मेडिकल रिपोर्ट में उनकी हालत में क्रमिक सुधार दर्ज करते हुए अगले एक-दो दिनों में आईसीयू से बाहर लाए जाने की संभावना जताई गई थी।
भाजपा के आधारस्तंभ माने जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी ने संगठन को शीर्ष तक पहुंचाने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। वे 1986-1990, 1993-1998 और 2004-2005 के दौरान तीन बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
इसके साथ ही केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में उन्होंने 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्रालय का दायित्व निभाया तथा 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री रहे। फिलहाल वे अस्पताल में विशेषज्ञ दल की निगरानी में हैं और विभिन्न दलों के नेता व समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।



