शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन मंदी: सेंसेक्स 73,124 और निफ्टी 22,600 के स्तर पर फिसले, मिडकैप-स्मॉलकैप में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मंदी का रुख बना रहा, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,123.83 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 87.65 अंक अथवा 0.39 प्रतिशत गिरकर 22,600.00 के स्तर पर बंद हुआ।
सत्र के दौरान चौतरफा बिकवाली का असर व्यापक बाजार पर सबसे अधिक देखने को मिला। व्यापक सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,263.30 अंक यानी 2.21 प्रतिशत टूटकर 55,800.65 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 536.45 अंक या 2.94 प्रतिशत की तेज गिरावट आई और यह 17,739.45 पर आकर टिका।
क्षेत्रीय प्रदर्शन के लिहाज से लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा नुकसान मेटल सेक्टर में देखने को मिला, जहां निफ्टी मेटल 2.71 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.63 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.60 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.38 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.26 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 1.66 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 1.64 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 1.57 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.41 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.33 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 1.04 प्रतिशत टूटकर बंद हुए।
सेंसेक्स की कंपनियों में चुनिंदा शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की। बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में इटरनल, एलएंडटी, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे। दूसरी ओर टाटा स्टील, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बीईएल, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, एसबीआई, एचयूएल, सन फार्मा, भारती एयरटेल, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव रहा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मुख्य सूचकांकों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई तीव्र गिरावट इस समय सबसे बड़ी चिंता का विषय है। शेयरों के ऊंचे वैल्यूएशन, ट्रेडर्स द्वारा लीवरेज्ड पोजीशन कम किए जाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर विदेशी रुझानों ने बाजार पर चौतरफा दबाव डाला है। इसके साथ ही इंडिया वीआईएक्स में आई तेजी आने वाले दिनों में बाजार में जारी रहने वाले उतार-चढ़ाव की ओर संकेत कर रही है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा रख सकता है, जबकि एआई से जुड़े घटनाक्रमों के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में हो रही बिकवाली निवेशकों के जोखिम उठाने के उत्साह को धीमा कर रही है। आने वाले समय में मुद्रास्फीति के आंकड़े और विकास व महंगाई के बीच संतुलन साधने के लिए प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा उठाए जाने वाले कदम बाजार की चाल तय करेंगे। बाजार जानकारों का मानना है कि ऐसे दौर में मजबूत वित्तीय नतीजों और उचित वैल्यूएशन वाले चुनिंदा शेयरों एवं सेक्टरों में ही हलचल देखने को मिलेगी।

