मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ की वन-टू-वन बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) में उद्योग जगत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आरआईसी से रीवा प्रदेश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा, जहाँ राज्य सरकार उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। सरकार ने निवेश के लिए उद्योग-अनुकूल नीतियों को मजबूत किया है, जिससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को तेज़ी से बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित रहे।

डालमिया सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ श्री पुनीत डालमिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश में सीमेंट प्लांट एवं नवीन माइनिंग परियोजना स्थापित करने की जानकारी दी। उन्होंने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने एवं अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में अपनी कार्य योजना बताई।

सिद्धार्थ इंफ्राटेक (ग्रीनको) के निदेशक श्री मधुसूदन कोंडा ने प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावना बताते हुए रीवा एवं पन्ना जिले में पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्लांट स्थापित करने की परियोजना से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने श्री कोंडा द्वारा निवेश के इस प्रोजक्ट की सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एस. गोयनका ग्रुप के एमडी श्री आनंद गोयनका ने खनन क्षेत्र अन्तर्गत क्लिंकर प्लांट लगाए जाने की योजना बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस परियोजना के लिए सरकार द्वारा अतिरिक्त भूमि आवंटन, एकल खिड़की अनुमतियाँ एवं पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी।

पेट्रो-केमिकल उद्योग के विकास के अवसरों पर चर्चा करते हुए बीपीसीएल सीजीएम श्री कपिल राजोरिया ने सिंगरौली जिले में पेट्रोलियम स्टोरेज एवं डिस्ट्रीब्यूशन डिपो स्थापित किए जाने की योजना बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें आश्वस्त किया कि डिस्ट्रीब्यूशन डिपो तक पहुंच मार्ग के लिए भूमि और कनेक्टिविटी संबंधी मुद्दों को हल किया जाएगा।

रामा ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री नरेश गोयल ने मेन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में अपनी परियोजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से लगभग 2000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्टार ग्रुप के चेयरमैन श्री रमेश सिंह ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के संबंध में जानकारी दी। इसी क्रम में रिलायंस बॉयो एनर्जी बिजनेस हेड श्री हरींद्र के. त्रिपाठी, सोलर एएमसी के सीईओ श्री दिगेंद्र राठौड़ एवं महान एनर्जी लिमिटेड अडानी समूह के क्लस्टर प्रमुख श्री बच्चा प्रसाद ने भी नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में संभावनाओं पर विचार साझा किए।

मेहरोत्रा बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अतुल मेहरोत्रा ने प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए खाद्य प्र-संस्करण उद्योग के विकास की दिशा में अपनी योजनाएं साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य प्र-संस्करण उद्योग अंतर्गत श्रीअन्न के उत्पाद भी तैयार करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया।

केजेएस सीमेंट के डायरेक्टर श्री के.एस. सिंघवी ने मैहर में सीमेंट उद्योग के विस्तारीकरण पर अपनी योजना बताई और इसके लिए वित्तीय सहायता एवं भूमि आवंटन की चर्चा की। आदित्य बिरला अल्ट्राटेक के चीफ ऑपरेशन ऑफिसर मैन्युफैक्चरिंग – सेन्ट्रल क्ल्स्टर श्री राजेन्द्र काबरा ने निवेश के संबंध में चर्चा की।

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