मुख्यमंत्री निवास में गुरू नानक जी के प्रकाश पर्व पर गुरूग्रंथ साहब जी का सजाया गया दरबार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर श्री गुरू नानक जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में श्री गुरूग्रंथ साहब जी का भव्य दरबार सजाया गया और लंगर की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पगड़ी धारण कर दरबार में प्रवेश करते ही सभी उपस्थित जन ने “जो बोले सो निहाल – सत श्री अकाल” के घोष के साथ पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधियों से सजी संगत के बीच बैठकर गुरूवाणी के वचनों का आनंद लिया और कीर्तन में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिख गुरूओं की वाणी अद्भुत है। उन्होंने संगत और पंगत की बात कही। सिख गुरूओं ने विपरित परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक मार्ग तय किया कि परमात्मा के बंदों में हम अंतर नहीं कर सकते। यहां किसी पाखंड की जगह नहीं है। इस देश के लिए सभी समान हैं। यही वेद वाक्य है। चारों वेदों का भी निचोड़ यही है कि हम परमेश्वर की सत्ता पर विश्वास रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं 10 सिख गुरूओं को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने धर्म और आध्यात्म की परम्परा के माध्यम से सनातन संस्कृति बचाई। सिखों का बलिदान कोई भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान स्थित गुरू नानक जी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए समाधान निकाला। सिख गुरूओं और 4 साहबजादों का त्याग और बलिदान इतिहास का अमिट हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में कक्षा 7वीं में इस शहादत का विस्तृत उल्लेख है। इसी तरह उच्च शिक्षा के स्तर पर सिखों की शहादत पर अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे इतिहास को शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। प्रदेश सरकार सिख समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। इसी तरह अरेरा कालोनी भोपाल के गुरूद्वारे से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य गुरूद्वारों के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।

सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि यह इस तरह के शानदार कार्यक्रम का प्रथम अवसर है। आज यहां गुरूग्रंथ साहब आसीन हुए। सम्पूर्ण सिख समाज हर्षित है। कार्यक्रम में उज्जैन के श्री सुरेंद्र सिंह अरोरा ने कहा कि प्रदेश में कई ऐतिहासिक गुरूद्वारे हैं जो धरोहर हैं। इनके रख-रखाव के लिए आवश्यक पहल की जाना चाहिए। इंदौर के श्री नरेंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में सिख बहनों ने अरदास का दायित्व निभाया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के हृदय में स्थान बनाया है। सुश्री नेहा बग्गा ने कहा कि सिखों की शहादत की जानकारी शिक्षण संस्थाओं में देने की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उच्च शिक्षा मंत्री थे, तब सिखों की शहादत का विवरण पाठ्यपुस्तकों में जोड़े जाने का कार्य प्रारंभ हुआ। श्री सुरजीत सिंह टुटेजा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में 555 वें प्रकाश महोत्सव का अवसर बहुत विशेष है।

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