मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का औचक निरीक्षण: गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, 23 मई तक बढ़ी खरीदी की समय-सीमा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों का औचक दौरा कर गेहूं उपार्जन की जमीनी हकीकत जानी। मुख्यमंत्री ने खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव और शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि फसल खरीदी की प्रक्रिया में शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि को 9 मई 2026 से बढ़ाकर अब 23 मई 2026 कर दिया गया है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को और आगे बढ़ाया जाएगा ताकि सरकार हर किसान की उपज का एक-एक दाना खरीद सके। कतरगांव में मुख्यमंत्री ने किसान सुरेश पाटीदार की 55 क्विंटल गेहूं की खरीद के बाद स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल पर रसीद जनरेट करवाई और उन्हें 1,44,374 रुपये का प्राप्ति पत्र सौंपा।
प्रशासनिक दक्षता पर जोर देते हुए डॉ. यादव ने कलेक्टर और मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 6 तौल कांटे निरंतर संचालित होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त छाया, शीतल पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मौके पर बारदाने, सिलाई मशीन, कंप्यूटर ऑपरेटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी अनिवार्य सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की।
शाजापुर के मकोड़ी में मुख्यमंत्री ने एक अलग अंदाज में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से सीधा संवाद किया और फसल की गुणवत्ता देखी। उन्होंने वहाँ उपस्थित स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की और लाडली बहना योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे भविष्य में भी इसी तरह के आकस्मिक दौरे जारी रखेंगे ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



