मुख्यमंत्री डॉ. यादव, लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का दिल है, देश के सभी अंचलों के लोग यहां बसते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश तेजी से प्रगति पथ पर अग्रसर है, मध्यप्रदेश भी उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में दिन-दूनी-रात चौगुनी प्रोग्रेस कर रहा है। हेल्थ, टूरिज्म, आईटी, एजूकेशन, गारमेंट्स सहित हर क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधोसंरचना का क्षेत्र हो या अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्षेत्र प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार औद्योगिक विकास और निवेश संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा औद्योगिक क्षेत्र के लिए लैंड बैंक के मामले में मध्यप्रदेश ने देश के श्रेष्ठतम राज्य के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके यात्रा के दौरान लंदन में एनआरआई समूह “फ्रेंड्स ऑफ मध्य प्रदेश” और प्रवासी समुदाय के साथ संवाद में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लंदन (यूके) में रॉयल नेशनल होटल में प्रवासी समुदाय और “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान लंदन के पूर्व डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित भारतीय प्रवासी शामिल रहे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी की नेतृत्व क्षमता को दुनिया ने स्वीकारा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन और उनकी नेतृत्व क्षमता ने विश्व में भारत की साख को स्थापित किया है। दुनिया के देशों में प्रधानमंत्री श्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की स्वीकार्यता ने भारत और भारतवासियों का गर्व और मान विश्व में बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को प्राप्त श्री मोदी के सशक्त और समर्थ नेतृत्व से भारतवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर डाला प्रकाश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विकास क्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष-2003 तक मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश में कुल 30 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। सभी 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। खनन, टूरिज्म के क्षेत्र में भी अनेक संभावनाएं हैं। गारमेंट्स क्षेत्र में प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रति माह की दर से इंसेंटिव है, इसी प्रकार आईटी सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुविधाएं प्रदान करने और प्रोत्साहन की व्यवस्था है।


