शस्य-श्यामला होगी प्रदेश की 6.13 लाख हेक्टेयर भूमि, लाखों लोगों की बुझेगी प्यास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है। नदियों का संगम भूमि को पावन बनाने के साथ ही सभ्यताओं को नवजीवन भी देता रहा है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना के लिए एमओए और आधारशिला रखे जाने के अवसर को उन्होंने ऐतिहासिक और अदभूत बताया। डॉ. यादव ने दोनों प्रदेशों की 20 साल की प्रतीक्षा समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्हें आधुनिक युग के भगीरथ की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी समारोह में संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को “लाड़ला” कहा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान को सिंचाई का पानी भी मिलेगा और पेयजल भी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पीकेसी परियोजना दोनों राज्यों की नदियों को सदानीरा बनाए रखेगी, इससे इन नदियों से संबद्ध भूमि शस्य-श्यामला बनेगी। पीकेसी परियोजना से मध्यप्रदेश को 3,000 और राजस्थान को 4,103 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी मिलेगा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में केन्द्र सरकार और दोनों राज्य सरकारों के अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए 17 दिसंबर 2024 को एमओए के साथ योजना के प्रथम चरण की आधारशिला रखी गई। परियोजना का क्रियान्वयन आगमी 8 वर्षों में किये जाने का लक्ष्य है।

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