उद्योगपति श्री गौतम अडाणी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन चर्चा

मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और देश-विदेश के उद्योगपति इसे एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 को लेकर उद्योग जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश के प्रमुख उद्योगपतियों ने राज्य में निवेश को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं।

निवेश के साथ रोजगार सृजन

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में शामिल होने भोपाल आए उद्योगपति श्री गौतम अडाणी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन चर्चा में कहा है कि इस आयोजन में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहल ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का विकास हो रहा है। श्री अडानी ने घोषणा की है कि उनका समूह 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ इस विकास यात्रा में आपके साथ है।

श्री अडाणी ने कहा कि उनका ग्रुप मध्यप्रदेश में सीमेंट, सीवेज, खनन, स्मार्ट-मीटर और थर्मल-एनर्जी के क्षेत्रों में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश कर रहा है। इससे 2030 तक राज्य में 1 लाख 20 हजार रोजगार सृजन होंगे। श्री अडाणी ने बताया कि इसके साथ ही समूह एक ग्रीनफील्ड स्मार्ट-सिटी विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसमें 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त निवेश शामिल होगा। आशा है कि ये सभी निवेश मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

भोपाल में निवेश की संभावनाएं देखने आया हूं, मेरे लिए यह बेहद रोमांचकः श्री मार्टिन यू. माइयर

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर विदेशी निवेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुंबई स्थित स्विट्जरलैंड के वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्य दूत मार्टिन यू. माइयर ने जीआईएस में शामिल होकर कहा कि “यह मेरे लिए बेहद रोमांचक है। मैं पहली बार मध्यप्रदेश आया हूं और भोपाल में यह देखना चाहता हूं कि यहां क्या संभावनाएं हैं।”

उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिचेंस्टाइन और नॉर्वे सहित यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों ने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा।

“अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि स्विस कंपनियां भारत आएं और यहां निवेश करें।” इस समझौते के तहत भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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