मुख्यमंत्री डॉ. यादव की लुधियाना में प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुधियाना प्रवास के दौरान पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन बैठक कर उन्हें मध्यप्रदेश की निवेश समर्थक नीतियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार जहाँ भी संभावनाएं दिख रही हैं, वहाँ नीतिगत बदलाव करने के लिए पूरी तत्परता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों का समान ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करने वाले उद्योगपतियों में टेक्सटाइल सेक्टर से नाहर ग्रुप के सीएमडी श्री दिनेश ओसवाल, एसईएल ग्रुप के सीएफओ श्री नवनीत गुप्ता और बॉन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि श्री मंजीत सिंह शामिल रहे। स्टील क्षेत्र से टीके स्टील समूह के एमडी श्री लोकेश जैन ने प्रदेश में संभावित निवेश अवसरों पर चर्चा की। फार्मास्यूटिकल्स, एथेनॉल एवं रसायन क्षेत्र से आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के एमडी श्री वरिन्दर गुप्ता और एमआरएम मेध्या ग्रीनटेक के डायरेक्टर श्री पुनीत अग्रवाल ने निवेश प्रस्ताव रखे।

खाद्य प्रसंस्करण और चाय उद्योग से जुड़े भगवती लैक्टो वेजिटेरियन एक्सपोर्ट्स के एमडी श्री सुशील मित्तल और केजी एक्सपोर्ट टीम के सदस्य श्री हरीश दुआ ने मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, कृषि उत्पाद उपलब्धता और फूड पार्क्स पर चर्चा की। इंजीनियरिंग सेक्टर से हीरो साइकिल के एमडी श्री एस.के. राय और हाईलैंड एथेनॉल के एमडी श्री अमित कुमार मोदी ने निवेश के लिए औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, बेक्टर्स फूड्स के एमडी श्री अनूप बेक्टर और ए.वी. कोटस्पिन इंडस्ट्री के डायरेक्टर श्री दीपक गर्ग ने मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा कर प्रदेश की नीतियों की सराहना की।

लुधियाना में हुआ यह संवाद न केवल निवेश प्रस्तावों की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद और व्यवहारिक गंतव्य बनकर उभर रहा है।

पंजाब के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश लैंड ऑफ अपॉर्च्युनिटी : एसीएस श्री मंडलोई

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने देश के दिल मध्यप्रदेश में सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश के विकास की झलक पंजाब में दिखाई दी है। पंजाब के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश लैंड ऑफ अपॉर्च्युनिटी बन सकती है। राज्य में वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। पंजाब के जैसे ही मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार की अनंत संभावनाएं हैं।

उद्योगपतियों को प्रदेश की नीतियों से कराया अवगत

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पूरा ध्यान राज्य के औद्योगिकीकरण पर है। मध्यप्रदेश में निवेश की अनंत संभावनाएं हैं। प्रदेश में नार्थ, साउथ कॉरिडोर हैं। यहां लॉजिस्टिक की अच्छी सुविधाएं हैं। हमारे पास एक लाख एकड़ से ज्यादा लैंड बैंक है। केंद्र की ओर से उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, धार में पीएम मित्र पार्क, मुरैना में लेदर पार्क और बाबई में इलेक्ट्रिक उपकरण पार्क मिला है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास पर केंद्रित 18 नई नीतियां फरवरी में लागू की हैं। राज्यों में हमारी जीएसडीपी ग्रोथ सबसे अधिक रही है। निवेशकों को इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में कई राष्ट्रीय संस्थान हैं। प्लांट मशीनरी पर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन असिस्टेंस 40 प्रतिशत तक है। मध्यप्रदेश सरकार हरित औद्योगिकरण को बढ़ावा दे रही है। वर्कर्स के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता और घड़ियाल के लिए भी जाना जाता है। भारत के 7 प्रतिशत वन मध्यप्रदेश में है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button