गिफ्ट सिटी के जैसे मध्यप्रदेश में भी 10 सिटी बनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रियल एस्टेट आज देश का सबसे अधिक प्रोगेसिव सेक्टर है और यह सेक्टर देश के नवनिर्माण में बड़ा सहयोग दे रहा है। रियल एस्टेट के विकास में ही देश का विकास अंतर्निहित है। हम इस सेक्टर को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इसी तरह की ग्रोथ कॉन्क्लेव करके और सबको घर मुहैया कराकर नागरिकों के जीवन में खुशहाली लायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जीडीपी में अब 8.5 प्रतिशत तक योगदान दे रहा है, जो कभी मात्र 3 प्रतिशत हुआ करता था। उन्होंने गुजरात की ‘गिफ्ट सिटी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी ही 10 स्मार्ट सिटीज़ मध्यप्रदेश में विकसित की जाएंगी। उन्होंने घोषणा की है कि प्रदेश में 10 लाख नए आवास तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेक्टरों के लिए विशेष ग्रोथ कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति और नई दिशा मिलेगी।

प्रदेश के समग्र शहरी विकास और रियल एस्टेट सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर स्थित ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ को संबोधित कर रहे थे। इस आयोजन में उद्योग, होटल, रियल एस्टेट, एजुकेशन, रिन्यूअल एनर्जी, आईटी आदि क्षेत्रों में लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे प्रदेश में 15 हजार से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे और शहरी एवं औद्योगिक विकास को नई ऊचाईयां प्राप्त होंगी। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास के लिये 12 हजार 360 करोड़ रुपये की सौगातें भी दी। उन्होंने मुख्य रूप से जल प्रदाय, सीवरेज, स्वच्छता और अधोसंरचना निर्माण के लिये 5 हजार 454 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 65 हजार से अधिक हितग्राहियों को 2 हजार 799 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, ग्रीन फील्ड हाईवे, टाउनशिप और स्मार्ट सिटी परियोजना को बढ़ावा दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये दी सौगातें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लिये 12 हजार 500 करोड़ रुपये की सौगातें प्रदान की। मुख्य रूप से इंदौर शहर के लिए अमृत 2.0 अंतर्गत जलप्रदाय एवं सीवरेज योजना हेतु 2,382.03 करोड़ रुपये की सौगात दी गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उपयोगित जलप्रदाय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास हेतु 257 परियोजनाओं के लिए 3,562.27 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 अंतर्गत 45,503 हितग्राहियों का गृह प्रवेश करवाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 अंतर्गत 19,541 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कुल 65,044 हितग्राहियों को 2,799.26 करोड़ रूपये की राशि अंतरण की गई।

शहरी विकास को गति देने के लिये हुए महत्वपूर्ण एमओयू

शहरी प्रशासन के विविध घटकों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से इंटीग्रेट करके अधिक कार्यकुशल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भास्कराचार्य अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। नगरीय विकास विभाग के अन्तर्गत मध्यप्रदेश शहरी विकास कंपनी और हाउसिंग और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हुड़को) के मध्य समझौता निष्पादन हुआ। मध्यप्रदेश शासन और IIM इंदौर के बीच सिंहस्थ 2028 की कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए एमओयू किया गया है।

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