मुख्यमंत्री ने बीएसएल के अंतर्राष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ की राउंड टेबल बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 5 एफ विजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश परिधान और वस्त्र उद्योग में ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन’ की समूची वैल्यू चेन को एकजुट कर वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के धार जिले में स्थापित होने वाले “पीएम मित्रा पार्क” से प्रदेश में टैक्सलाइल क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। राज्य में ऑर्गेनिक कॉटन का सुदृढ़ आधार, आधुनिक टेक्सटाइल/गारमेंट क्षमताएं, प्रचुर ग्रीन एनर्जी, स्थिर नीति वातावरण और तेज़ फैसले लेने की प्रशासनिक संस्कृति उद्योगों को वह भरोसा देती है, जिससे वैश्विक ब्रांड्स मध्यप्रदेश में निवेश लिए आकर्षित होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेड इन एमपी – वियर एक्रॉस द वर्ल्ड’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य का औद्योगिक मिशन है, जिसके तहत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक प्रतिस्पर्धी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। टेक्सटाईल्स एवं गारमेंट सेक्टर से किसान महिला, युवा एवं गरीब वर्गों का सशक्तिकऱण हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में बीएसएल के अंतराष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ राउण्ड टेबल बैठक की। इस अवसर पर राज्य सरकार और बीएसएल के बीच एमओयू भी हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड प्रतिनिधियों और सोर्सिंग प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश ने प्रधानमंत्री के 5 एफ विज़न को जमीनी रूप दिया है। दिल्ली में 31 जुलाई को हुई पहली बैठक को उन्होंने “संकल्प से सफलता तक” की यात्रा का प्रारंभ बताया और कहा कि भोपाल की यह बैठक उस संकल्प को ठोस परिणामों में बदलने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धार में 2,177 एकड़ में पीएम मित्रा स्थापित किया जा रहा है। जल्द ही प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इसका भूमि पूजन किया जाएगा। भूमि-पूजन से पूर्व ही 16 हजार करोड़ रु. से अधिक के निवेश अभिरुचि-पत्र प्राप्त हो चुके हैं। टैक्सटाइल सेक्टर में अब तक प्रदेश के 3,513 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को निवेश फ्रेंडली स्थल बनाने के लिए सरकार ने कई नीतियां बनाई हैं। उद्योग संबंधी 29 अनुमतियों को कम करके अब 10 कर दिया गया है। उद्योग स्थापना के लिए 30 दिन में प्रक्रियाओं का निष्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम है, जिससे कोई फाइल अटके नहीं और कोई निर्णय रुके नहीं। कई गैर जरूरी कानूनों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे निवेशकों को ईज ऑफ डूईंग बिजनेस का आदर्श माहौल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही निवेशकों को कई निवेश प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिसमें सस्ती दर पर बिजली, पानी, भूमि तथा ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।

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