इनकम टैक्स एक्ट 2025 को मिली मंजूरी, 1 अप्रैल 2026 से होगा लागू

नई दिल्ली: भारत सरकार ने टैक्स कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से लाए गए नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 को अधिसूचित कर दिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद, यह कानून 1 अप्रैल 2026 से 1961 के पुराने इनकम टैक्स कानून का स्थान लेगा। यह नया कानून कर की दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
प्रमुख बदलाव: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किए गए इस बिल में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव शब्दों की संख्या को लगभग आधा करना है, जिससे यह समझने में आसान हो जाएगा। इसके अलावा, बिल में अब 823 के बजाय 622 पृष्ठ हैं। हालाँकि, अध्यायों की संख्या 23 पर ही बनी हुई है, जबकि अनुसूचियाँ 14 से बढ़कर 16 और धाराएँ 298 से बढ़कर 536 हो गई हैं।
क्रिप्टो अब अघोषित आय की श्रेणी में: नए कानून के तहत, क्रिप्टो एसेट्स को भी अब नकदी, बुलियन और आभूषणों की तरह ही अघोषित आय माना जाएगा। यह कदम डिजिटल लेनदेन पर बेहतर नियंत्रण और पारदर्शिता के लिए उठाया गया है।
टैक्सपेयर्स चार्टर और सरलीकरण: यह बिल टैक्सपेयर्स चार्टर को शामिल करता है, जो करदाताओं के हितों की रक्षा करेगा और कर अधिकारियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करेगा। साथ ही, वेतन से संबंधित सभी कटौतियाँ अब एक ही जगह सूचीबद्ध की गई हैं, जिससे करदाताओं को सुविधा होगी। पुराने कानून में मौजूद जटिल प्रावधानों को भी हटा दिया गया है।



