मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। इनमें प्रमुख रूप से हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना, ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाना और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करना शामिल है।
प्रदेश में हवाई सेवा का विस्तार
बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) के तहत राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की स्वीकृति दी गई है। इस सेवा का लक्ष्य हवाई अड्डों, हेलीपैडों और हवाई पट्टियों को आपस में जोड़ना है। यह सेवा तीन सेक्टरों में संचालित होगी, जो इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ ओंकारेश्वर, खजुराहो और कान्हा जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को कवर करेगी। इस पहल से पर्यटकों, व्यापारियों और निवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम होगा, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
ऊर्जा परियोजनाओं की लागत का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद ने मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की दो महत्वपूर्ण ताप विद्युत परियोजनाओं की लागत में संशोधन को मंज़ूरी दी।
- सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी (660 मेगावॉट): इसकी पुनरीक्षित लागत ₹11,678.74 करोड़ है।
- अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई (660 मेगावॉट): इसकी पुनरीक्षित लागत ₹11,476.31 करोड़ है। दोनों परियोजनाओं का वित्त पोषण 20:80 के अनुपात में अंशपूंजी और ऋण के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार अपनी ओर से आवश्यक अंशपूंजी उपलब्ध कराएगी।
चिकित्सा शिक्षा में 354 नए पद
बैठक में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानदंडों के अनुसार 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में नॉन-क्लीनिकल और पैरा-क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नए पद बनाने को भी मंज़ूरी दी गई। ये पद भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना और अन्य शहरों के मेडिकल कॉलेजों में सृजित किए जाएंगे। इस निर्णय से कॉलेजों का संचालन बेहतर होगा और प्रदेश को भविष्य में चिकित्सा शिक्षक भी मिलेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद


