पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में दी स्वदेशी को प्राथमिकता, RSS की 100वीं वर्षगांठ का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 126वें ‘मन की बात’ एपिसोड में त्योहारों के अवसर पर देश के लिए एक बड़ा आह्वान किया।
त्योहार और ‘वोकल फॉर लोकल’
पीएम मोदी ने देशवासियों को स्वदेशी संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “हम ठान लें कि इस बार त्योहार सिर्फ स्वदेशी चीजों से ही मनाएंगे, तो देखिएगा, हमारे उत्सव की रौनक कई गुना बढ़ जाएगी।” उन्होंने ‘Vocal for Local’ को खरीदारी का मंत्र बनाने पर ज़ोर दिया और आग्रह किया कि हमेशा के लिए ठान लें, जो देश में तैयार हुआ है, वही खरीदेंगे।
छठ और यूनेस्को
पीएम मोदी ने छठ पूजा को ‘ग्लोबल फेस्टिवल’ बताया। उन्होंने यह खुशखबरी दी कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की लिस्ट में शामिल करने पर काम कर रही है, जिससे इस महापर्व की भव्यता विश्व स्तर पर फैलेगी।
श्रद्धांजलि: लता मंगेशकर और भगत सिंह
- आज लता मंगेशकर की जयंती है। पीएम ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके गीतों को मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला बताया और खुलासा किया कि मराठी संगीत हस्ती सुधीर फड़के ने उनका परिचय लता दीदी से कराया था। उन्हें लता दीदी का गाया ‘ज्योति कलश छलके’ विशेष रूप से पसंद है।
- पीएम ने अमर शहीद भगत सिंह को देश के युवाओं के लिए प्रेरणापुंज बताया। उन्होंने भगत सिंह के अदम्य साहस का प्रमाण देते हुए उस पत्र का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अंग्रेजों से फांसी के बजाय सीधा गोली मार कर जान लेने की मांग की थी।
खादी और गांधी जयंती
पीएम ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर सभी से खादी का कोई उत्पाद खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में खादी की बिक्री में बहुत तेजी देखी गई है और लोगों का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘वोकल फॉर लोकल’ के साथ गर्व से स्वदेशी प्रोडक्ट साझा करने को भी कहा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
इस बार की विजयादशमी को विशेष बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने RSS की एक शताब्दी की यात्रा को अद्भुत, अभूतपूर्व और प्रेरक बताया।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
- स्वच्छ भारत: उन्होंने त्योहारों के समय सिर्फ घर की नहीं, बल्कि गली, मोहल्ला, बाज़ार और गाँव की सफाई को भी जिम्मेदारी बनाने की अपील की।
- जिनका हुआ जिक्र: पीएम ने लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और रूपा (नाविका सागर परिक्रमा, 8 महीने में 50 हजार किमी), झारखंड के आशीष सत्यव्रत साहू (जोहराग्राम ब्रांड से आदिवासी बुनाई को ग्लोबल पहचान), और तमिलनाडु के अशोक जगदीशन-प्रेम सेल्वाराज (घास-केला फाइबर योगा मैट बनाकर 200 परिवारों को रोजगार देने) जैसे प्रेरक लोगों की चर्चा की।



