किसानों के चेहरे की मुस्कान ही हमारी असली दीपावली: CM मोहन यादव ने 8.84 लाख किसानों को दिए ₹653 करोड़

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से प्रभावित किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए जिलों के लाख हज़ार से अधिक किसानों को सिंगल क्लिक से 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “किसानों की सेवा ही भगवान की सेवा है।” उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार संकट की हर घड़ी में उनके साथ परिवार बनकर खड़ी है। जब तक आखिरी पीड़ित किसान को सहायता राशि नहीं मिल जाती, सरकार चैन से नहीं बैठेगी।
राहत राशि का विवरण:
- कुल राशि: ₹653.34 करोड़ (13 जिलों के 8,84,772 किसानों को)।
- अतिवृष्टि/बाढ़: किसानों को ₹331.34 करोड़।
- पीला मोजेक/कीट व्याधि: किसानों को ₹322 करोड़।
मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएँ और संदेश:
- दीपावली से पहले दीपावली: किसानों ने संवाद के दौरान मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने दीपावली से पहले ही उनकी दीपावली मनवा दी है।
- भावांतर योजना शुरू: सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना शुरू हो गई है और आज से पंजीयन भी शुरू हो गया है। किसान मंडी में एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचते हैं, तो 15 दिनों के भीतर अंतर की राशि (भावांतर) उनके खाते में भेज दी जाएगी।
- पारदर्शिता: फसल सर्वे और राहत राशि वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
- ऐतिहासिक पहल: प्रदेश के इतिहास में पहली बार सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है।
- अन्य सहायता: धान उत्पादक लाख से अधिक किसानों को ₹ प्रति हेक्टेयर की दर से करोड़ रुपए से अधिक का अंतरण किया जा चुका है।
किसानों से संवाद: मुख्यमंत्री ने कई जिलों के किसानों से संवाद किया। रतलाम के किसानों को करोड़ और मंदसौर के किसानों को करोड़ की राहत राशि मिली। बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों को लगभग ₹2 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया।


