गृह मंत्री अमित शाह ने अपनाया स्वदेशी ज़ोहो मेल, भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म को मिला बड़ा समर्थन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब जीमेल (Gmail) के बजाय भारतीय ईमेल सेवा ज़ोहो मेल (Zoho Mail) का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से यह घोषणा की कि उन्होंने ज़ोहो मेल पर अपनी नई आईडी बना ली है और सभी से नए पते (amitshah.bjp@zohomail.in) पर ही संपर्क करने का अनुरोध किया है।
शाह का यह कदम स्वदेशी डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देने की मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है। ज़ोहो मेल, जो विदेशी दिग्गजों जैसे जीमेल और आउटलुक का एक भारतीय विकल्प है, ज़ोहो कॉर्पोरेशन का उत्पाद है, जिसे श्रीधर वेंबु ने स्थापित किया है।
कंपनी की मुख्य विशेषताएँ उसकी सुरक्षा और निजता हैं। ज़ोहो का दावा है कि वह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है और उपयोगकर्ताओं का डेटा विज्ञापनदाताओं के साथ साझा नहीं करता, जिससे यह एक एड-फ्री और सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनता है। यह व्यक्तिगत, व्यावसायिक और प्रचार मेल के लिए अलग-अलग टैब, कैलेंडर और नोट्स जैसी उपयोगी सुविधाएँ भी प्रदान करता है।
हाल ही में, भारतीय टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभुत्व की चर्चा तब और तेज़ हुई जब ज़ोहो ने अपना मैसेजिंग ऐप अरट्टाई (Arattai – जिसका तमिल में अर्थ बातचीत है) लॉन्च किया। ज़ोहो के फाउंडर श्रीधर वेंबु लगातार स्वदेशी उत्पादों के समर्थक रहे हैं। ज़ोहो के 50 से अधिक क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग आज 180 से अधिक देशों में 1 करोड़ से अधिक लोग कर रहे हैं, जो ईमेल, अकाउंटिंग, सीआरएम और एचआर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं।



