‘दूरसंचार क्षेत्र में भारत अब अग्रणी’: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गिनाईं ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

नई दिल्ली: केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज (17 अक्टूबर 2025) घोषणा की कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दूरसंचार क्षेत्र अब ‘अनुयायी नहीं, बल्कि अग्रणी’ बन चुका है। उन्होंने वर्ष 2024-2025 को सुधार, कनेक्टिविटी और वैश्विक मान्यता का वर्ष बताया।

प्रमुख उपलब्धियाँ और परिवर्तन:

  • बीएसएनएल का पुनरुद्धार:
    • 18 वर्षों के बाद भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) परिचालन स्तर पर लाभ में आया।
    • वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ₹262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का लाभ दर्ज किया।
    • बीएसएनएल का ईबीआईटीडीए तीन गुना बढ़कर ₹5,395 करोड़ हो गया और घाटा ₹5,400 करोड़ से घटकर ₹2,400 करोड़ रह गया।
  • स्वदेशी तकनीकी शक्ति:
    • पूर्णतः स्वदेशी 4-जी स्टैक का सफल कार्यान्वयन हुआ, जिससे भारत अपनी संपूर्ण दूरसंचार तकनीक विकसित करने वाला विश्व का पाँचवाँ देश बन गया।
  • डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार:
    • भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल राष्ट्र है।
    • ‘100% दूरसंचार संपन्नता’ मिशन के तहत एक वर्ष में 75% लक्ष्य हासिल किया गया; 17,000 नियोजित टावरों में से लगभग 13,000 स्थापित किए गए।
    • आकांक्षी ज़िला योजना 81%, और वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी 87% तक पहुँची।
  • ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस:
    • राइट-ऑफ-वे (RoW) मंज़ूरी का औसत समय 2019 के 448 दिनों से घटकर 2025 में मात्र 33 दिन रह गया है।
    • लंबित परियोजनाओं में तेज़ी लाने के लिए वास्तविक-समय डैशबोर्ड बनाया गया।
  • साइबर सुरक्षा में मज़बूती:
    • AI-आधारित उपकरण ‘एएसटीआर’ ने 82 लाख से अधिक धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन काटे।
    • डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) के माध्यम से 750 से अधिक सरकारी और निजी संस्थाओं के बीच डेटा साझा किया जा रहा है, जिसमें अब गूगल भी शामिल हो गया है।
    • वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक प्रणाली ने लगभग ₹200 करोड़ के घोटाले रोके
  • सेवा गुणवत्ता में सुधार:
    • ट्राई ने मासिक रिपोर्टिंग शुरू की, और ऑपरेटरों को अप्रैल 2026 तक 2% से कम कॉल ड्रॉप दर और 50 मिलीसेकंड से कम विलंबता जैसे मानक सुनिश्चित करने होंगे।

सिंधिया ने ज़ोर दिया कि भारत का डिजिटल भारत मॉडल समावेशी विकास का एक प्रेरक उदाहरण है, जिसका आधार सुरक्षित, आत्मनिर्भर और नवोन्मेषी दूरसंचार है।

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