जीएसटी सुधारों और कर राहत से अर्थव्यवस्था में बूम: नवरात्रि में रिकॉर्ड बिक्री, ₹20 लाख करोड़ की खपत वृद्धि का अनुमान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नेक्स्ट-जेन जीएसटी सुधारों और आयकर में बड़ी राहत के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल आया है। केंद्रीय मंत्रियों ने विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज की गई रिकॉर्ड वृद्धि पर खुशी व्यक्त की है।
त्योहारी सीज़न में रिकॉर्ड बिक्री:
- इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र: इस नवरात्रि पर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले सीज़न की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण अब दो अंकों की CAGR (संयोजित वार्षिक वृद्धि दर) से आगे बढ़ रहा है।
- ऑटोमोबाइल क्षेत्र: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, थ्री-व्हीलर के वितरण में 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि टू-व्हीलर की बिक्री 21.60 लाख इकाइयों तक बढ़ी। अकेले सितंबर 2025 में यात्री वाहन का वितरण 3.72 लाख रहा और ट्रैक्टर की बिक्री दोगुनी से अधिक हुई।
उपभोक्ता को सीधा लाभ:
- जीएसटी दरों में कमी: वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी दरों में कमी, जैसे 12% से 5% और 28% से 18% की कटौती, निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली गई है। 54 वस्तुओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कर लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे।
- महंगाई में कमी: जीएसटी सुधारों के कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे जीवनरक्षक दवाइयाँ, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएँ सस्ती हो गई हैं।
- उपभोग में वृद्धि: इन सुधारों के परिणामस्वरूप, इस वर्ष कुल खपत में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो लगभग ₹20 लाख करोड़ की बढ़ोतरी के बराबर है।
परिवर्तनकारी सरकारी नीतियां:
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर घर में लक्ष्मी का आशीर्वाद पहुंचाया है। 1 फरवरी को घोषित ₹2.5 लाख करोड़ की आयकर राहत ने उपभोक्ता खर्च, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी लाकर पूरे देश में त्योहार जैसा माहौल बना दिया है।
वैश्विक मंच पर भारत:
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत ने स्मार्टफोन निर्यात के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले निर्यात में अपने पड़ोसी देश को भी पीछे छोड़ दिया है। साथ ही, देश का दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र आधिकारिक रूप से उत्पादन शुरू कर चुका है, जो विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।



