भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहका प्रो. अजय कुमार सूद ने कृषि और एसएमई में उत्तरदायी एआई अपनाने हेतु ‘प्लेबुक’ और ‘श्वेत पत्र’ किए जारी

प्रो. अजय कुमार सूद ने कृषि और एसएमई में उत्तरदायी एआई अपनाने हेतु ‘प्लेबुक’ और ‘श्वेत पत्र’ किए जारी

नई दिल्ली: 22 अक्टूबर 2025 

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रो. अजय कुमार सूद ने बुधवार को पूरे देश में उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के समावेशी उपयोग में तेजी लाने के लिए तीन महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया। ये पुस्तिकाएं विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के चौथे औद्योगिक क्रांति केंद्र (सी4आईआर) इंडिया की “भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता 2030” पहल के तहत जारी की गईं।

विमोचित किए गए प्रकाशन हैं:

  1. ‘भारत में भविष्य की खेती: कृषि के लिए एआई प्लेबुक’
  2. ‘छोटे व्यवसायों का रूपांतरण: भारत के एसएमई के लिए एक एआई प्लेबुक’
  3. ‘इंटेलिजेंट एज के लिए एआई सैंडबॉक्स इको-सिस्टम को आकार देना: श्वेत पत्र’

पीएसए प्रो. सूद ने इस अवसर पर कहा कि भारत की एआई यात्रा जमीनी स्तर पर बदलाव से निर्धारित होगी और ये प्लेबुक एआई को समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए स्पष्ट कार्यनीतियाँ प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी हितधारकों से राष्ट्र के विकास के लिए इन रोडमैप को लागू करने का आग्रह किया।

ये प्लेबुक व्यापक क्षेत्रीय परामर्शों पर आधारित हैं और कृषि तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) सेक्टरों में एआई समाधान लागू करने के लिए व्यावहारिक रोडमैप प्रदान करती हैं। ‘इम्पैक्ट एआई’ ढांचे के तहत, ये पुस्तिकाएं सरकार, उद्योग और स्टार्ट-अप्स की सहयोगी भूमिकाओं को परिभाषित करती हैं।

कृषि प्लेबुक लाखों किसानों के लिए उपज बढ़ाने और बाज़ार पहुँच सुधारने हेतु एआई के विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करती है, जबकि एसएमई प्लेबुक उत्पादकता और ऋण पहुँच बढ़ाने के लिए लघु व्यवसायों हेतु एक रणनीतिक रोडमैप देती है। वहीं, ‘एआई सैंडबॉक्स श्वेत पत्र’ सुरक्षित और विश्वसनीय एआई समाधानों के परीक्षण के लिए एक नियंत्रित ढांचा प्रस्तुत करता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव श्री एस. कृष्णन और एमएसएमई सचिव श्री एससीएल दास ने इन रिपोर्टों को ‘वास्तविक सेक्टरों पर केंद्रित’ और ‘समयोचित’ बताया, जिससे छोटे व्यवसायों को सीधे लाभ होगा।

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