राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (NBHM)

NBHM एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका लक्ष्य देश में मधुमक्खी पालन के संपूर्ण विकास को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देना और ‘मीठी क्रांति’ लाना है।

  • उद्देश्य:
    • किसानों की आय और रोजगार बढ़ाना।
    • खेती और बागवानी के उत्पादन को प्रोत्साहित करना।
    • उच्च गुणवत्ता वाले शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना।
    • मधुमक्खी पालन के ज़रिए नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
  • क्रियान्वयन अवधि और बजट: इसे वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच $\mathbf{500}$ करोड़ रुपये के कुल बजट आवंटन के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है।
  • नोडल/क्रियान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) इसकी प्रमुख क्रियान्वयन एजेंसी है।
  • क्रियान्वयन के तरीके: मिशन को तीन मिनी मिशन (MM1, MM2, MM3) के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है:
    • मिनी मिशन 1 (MM1): वैज्ञानिक मधु पालन के तहत परागन क्रिया से फसलों का उत्पादन और उत्पादकता उन्नयन।
    • मिनी मिशन 2 (MM2): उत्पादन उपरांत प्रबंधन (शहद संग्रहण, प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन, मूल्य वर्धन) के लिए बुनियादी सुविधाएँ।
    • मिनी मिशन 3 (MM3): शोध, विकास और प्रौद्योगिकी उन्नयन पर ध्यान केंद्रित करना।

 

📈 निर्यात और उत्पादन के आँकड़े

 

भारत वैश्विक शहद बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुका है।

  • शहद उत्पादन: वर्ष 2024 में भारत ने लगभग 1.4 लाख मीट्रिक टन प्राकृतिक शहद का उत्पादन किया।
  • शहद निर्यात:
    • वर्ष 2023-24 में 1.07 लाख मीट्रिक टन प्राकृतिक शहद का निर्यात किया गया, जिसका कुल मूल्य $177.52 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
    • जुलाई 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शहद निर्यातक बन गया, जबकि वर्ष 2020 में इसकी रैंकिंग नौवीं थी।
    • प्रमुख निर्यातक देश: अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और लीबिया।
  • प्रमुख उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश (17%), पश्चिम बंगाल (16%), पंजाब (14%), बिहार (12%), और राजस्थान (9%)।

🚀 अन्य प्रमुख प्रयास और पहल

 

NBHM के अंतर्गत मधुमक्खी पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

  • मधु क्रांति पोर्टल: शहद उत्पादन के सभी स्रोतों की पहचान और उत्पादकों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए निर्मित किया गया है। 14 अक्टूबर 2025 तक इस पर 14,859 मधुमक्खी पालकों और 298 पंजीकृत शहद उत्पादक संघों का पंजीकरण किया जा चुका है।
  • बुनियादी सुविधाओं का विकास:
    • 6 विश्वस्तरीय शहद जाँच केंद्र और 47 मिनी शहद जाँच लैब।
    • 26 शहद प्रसंस्करण इकाई और 10 पैकेजिंग व शीतायन केंद्र।
  • संस्थागत समर्थन:
    • रुड़की स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में मधुमक्खी पालन पर एक उत्कृष्ट राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किया गया है।
    • लगभग 100 FPOs (किसान उत्पादक संगठन) मधुमक्खी पालकों के लिए नामित किए गए हैं और सार्वजनिक उपक्रमों (TRIFED, NAFED, NDDB) को आवंटित किए गए हैं।
  • न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP): APEDA द्वारा शहद का न्यूनतम निर्यात मूल्य ₹167.10 प्रति किलो निर्धारित किया गया था (31 दिसंबर 2024 तक लागू)।

🐝 राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB)

 

  • गठन: सोसाइटी पंजीकरण कानून 1860 के तहत 19 जुलाई 2000 को किया गया था।
  • भूमिका: देश में मधुमक्खी पालन की सबसे बड़ी नोडल एजेंसी है जो वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन को विकसित कर फसल परागण और गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन को बढ़ावा देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button