‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’: CM यादव का विज़न, PWD को निर्देश- हर सड़क बनेगी जनता के जीवन सुधार का माध्यम

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देशित किया है कि वे हर परियोजना को जनकल्याण के केंद्र में रखकर काम करें। उनके अनुसार, “सड़कें सिर्फ़ यातायात का नहीं, बल्कि विकास, रोज़गार और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच का आधार हैं।”
मंत्रालय में PWD की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को चरितार्थ करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के साथ प्रत्येक परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
सीएम के प्रमुख एजेंडा पॉइंट्स:
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समग्र विकास: जबलपुर और ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश को समाहित करते हुए शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अधोसंरचना विकास पर जोर दिया जाए।
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ग्रीन बिल्डिंग और ऊर्जा संरक्षण: सतत विकास के लिए भवनों के निर्माण में ‘ग्रीन बिल्डिंग’ कॉन्सेप्ट और वास्तु-विज्ञान का पालन हो, जिससे बिजली और पानी की बचत सुनिश्चित हो सके। सूरत के डायमंड पार्क की तर्ज़ पर निर्माण कार्य करने को कहा गया।
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आधुनिक कनेक्टिविटी: एक्सप्रेस-वे के विकास में ग्रामीण सुविधाओं (फ्लाईओवर, अंडरपास) का ध्यान रखा जाए।
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लोकपथ ऐप की सराहना: शिकायतों के 99.6% समाधान पर विभाग को बधाई दी। ऐप में अब रियल-टाइम सड़क की स्थिति, वैकल्पिक मार्ग, और ब्लैक स्पॉट को मैप करने के निर्देश दिए गए।
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सिंहस्थ-2028 की तैयारी: सिंहस्थ के 52 कार्यों पर ₹12 हज़ार करोड़ खर्च होंगे, इन्हें जून-2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने PWD की दो साल की उपलब्धियों पर संतोष जताया, जिसमें 12,000 किमी सड़क निर्माण और 506 ‘लोक कल्याण सरोवर’ (जल संरक्षण मॉडल) का निर्माण शामिल है। आगामी कार्ययोजना में उज्जैन-इंदौर हाई-स्पीड कॉरिडोर, 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, और 100% सौर ऊर्जा लक्ष्य शामिल हैं।


