इंडिगो पर मनमानी का आरोप: CCI ने शुरू की जांच, कंपनी ने 5000 फ्लाइटें रद्द होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय एक्सपर्ट नियुक्त किया

एविएशन सेक्टर में सबसे बड़े हिस्से पर काबिज इंडिगो एयरलाइन की एकतरफा दादागिरी (मोनोपॉली) अब देश की शीर्ष नियामक संस्था कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के रडार पर है। CCI इस बात की गोपनीय जांच कर रही है कि क्या इंडिगो ने अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करके प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन किया है। कॉम्पिटिशन एक्ट की धारा 4 के उल्लंघन के तहत, एयरलाइन मनमानी कीमत नहीं वसूल सकती और न ही सेवाओं के संचालन में ग्राहकों को ब्लैकमेल कर सकती है। यदि किराया बढ़ाने या दबदबे का दुरुपयोग साबित होता है, तो जांच के आदेश दिए जाएंगे।

दिसंबर के पहले सप्ताह में DGCA नियमों में बदलाव के चलते क्रू की कमी से इंडिगो की 5000 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं। यात्रियों को हुई भारी परेशानी के लिए, इंडिगो ने 3, 4 और 5 दिसंबर को प्रभावित यात्रियों से जनवरी में सीधे संपर्क कर मुआवजा देने की घोषणा की है।

बड़ी कार्रवाई: संकट की आंतरिक जांच के लिए इंडिगो ने विश्व प्रसिद्ध एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन जॉन इल्सन को नियुक्त किया है, जो एयरलाइन के ऑपरेशनल मॉडल की गहन समीक्षा करेंगे। दूसरी तरफ, DGCA ने एयरलाइन की सुरक्षा और अनुपालन की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में अपने 4 फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर को बर्खास्त कर दिया है।

DGCA की नई निगरानी व्यवस्था: फ्लाइटों में लगातार हो रही देरी और अव्यवस्था के मद्देनजर DGCA ने अपनी निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया है। नए और विस्तृत आदेश के तहत:

  • निरीक्षण टीमों को अब एयरपोर्ट पर कम से कम 7 घंटे रुकना होगा।

  • तकनीकी कारणों से 15 मिनट की देरी होने पर भी अनिवार्य रूप से जांच करनी होगी।

  • 32 बिंदुओं वाली चेकलिस्ट के माध्यम से स्टाफ उपलब्धता, ग्राउंड हैंडलिंग, रैंप सुरक्षा, और ग्राहक सेवा (भीड़ नियंत्रण, बैगेज डिलीवरी) सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों का मौके पर ही आकलन किया जाएगा।

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