‘वीरता वर्चस्व विजय’: आईएनएस वाघशीर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने परखी भारतीय नौसेना की पनडुब्बी शक्ति

कारवार: भारतीय नौसेना की ताकत और परिचालन तत्परता का जायजा लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पश्चिमी तट पर आईएनएस वाघशीर में गोता लगाया। इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी उनके साथ मौजूद रहे।
परिचालन की खास बातें:
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चुनौतीपूर्ण अभियान: राष्ट्रपति ने पनडुब्बी के अंदर नाविकों के अनुशासन और आत्मविश्वास को सराहा। उन्होंने कहा कि वाघशीर के सफल परीक्षण और अभियान इसके आदर्श वाक्य ‘वीरता वर्चस्व विजय’ को सार्थक करते हैं।
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अभेद्य सुरक्षा का भरोसा: आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने लिखा कि चालक दल के उत्साह को देखकर उन्हें पूरा विश्वास है कि भारतीय नौसेना किसी भी समुद्री खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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सर्वोच्च कमांडर की मौजूदगी: सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर के रूप में राष्ट्रपति की इस यात्रा ने कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले नौसैनिकों के मनोबल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।



