मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र का रिश्ता सीमाओं से परे; जबलपुर में महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के 100 साल पूरे होने पर भव्य आयोजन

जबलपुर/इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से वर्चुअली जुड़ते हुए महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का संबंध केवल भूगोल नहीं, बल्कि संत परंपरा और सांस्कृतिक चेतना की साझी विरासत है।
मुख्य बातें:
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ऐतिहासिक योगदान: डॉ. यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज, बाजीराव पेशवा, होलकर और सिंधिया राजवंशों के योगदान को याद किया।
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विरासत का सम्मान: मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने टंट्या मामा, तात्या टोपे और रानी अवंतिबाई के नाम पर नए विश्वविद्यालय शुरू कर जननायकों को सम्मान दिया है।
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मराठा शौर्य: समारोह में मौजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानीपत युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि मराठों ने केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने शिवाजी महाराज के ‘स्वराज्य, स्वधर्म और स्वभाषा’ के संकल्प को दोहराया।


