भारत की जीडीपी ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार: सरकार का अनुमान 7.4%, महंगाई दर में बड़ी गिरावट के संकेत

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत दिए हैं। केंद्र सरकार के पहले अग्रिम अनुमान (Advance Estimates) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी (Real GDP) विकास दर 7.4% रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की 6.5% की वृद्धि दर के मुकाबले काफी अधिक है।
विकास के प्रमुख कारक: इस शानदार बढ़त के पीछे मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण), कंस्ट्रक्शन (निर्माण) और सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र) में आई तेजी को मुख्य कारण माना जा रहा है। सरकार ने नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) की ग्रोथ 8% रहने की उम्मीद जताई है।
महंगाई पर नियंत्रण: क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर इशारा किया है। उनके अनुसार, नॉमिनल और रियल जीडीपी के बीच का अंतर मात्र 0.6% (60 बेसिस पॉइंट) रह गया है, जो 2011-12 के बाद सबसे कम है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि देश में महंगाई पूरी तरह नियंत्रण में है।
भारत की जीडीपी ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार: सरकार का अनुमान 7.4%, महंगाई दर में बड़ी गिरावट के संकेत
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उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन: सरकार ने पहले जीडीपी ग्रोथ 6.3% से 6.8% रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7.4% कर दिया गया है।
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RBI का आकलन: हाल ही में दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी अपने अनुमान को 6.8% से संशोधित कर 7.3% किया था, जो सरकारी आंकड़ों के काफी करीब है।
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महंगाई का असर कम: रियल और नॉमिनल जीडीपी के बीच का अंतर केवल 0.6% रह गया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आंकड़ों के बीच यह कम फासला कम महंगाई को दर्शाता है।
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सेक्टर अपडेट: अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा है।



