ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई कानून-व्यवस्था नहीं बल्कि देश की नस्लों को बचाने का युद्ध है :गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर की बैठक में नशे के कारोबार को एक गहरे षड्यंत्र के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि ‘नार्को-टेरर’ से जुड़ा विषय है जो देश की आने वाली नस्लों को बर्बाद करने के लिए रचा गया है।
मुख्य अंश:
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नेटवर्क पर प्रहार: गृह मंत्री ने ‘टॉप टू बॉटम’ और ‘बॉटम टू टॉप’ जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल नशे की पुड़िया बेचने वालों तक नहीं, बल्कि व्यापार के असली किंगपिन, फाइनेंसर और लॉजिस्टिक्स रूट्स तक पहुंचना होगा।
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अफीम की खेती पर लगाम: सरकार की सक्रियता के कारण अफीम की फसल नष्ट करने के अभियान में तेजी आई है। 2020 में जहाँ 10,770 एकड़ फसल नष्ट की गई थी, वहीं नवंबर 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार एकड़ तक पहुंच गया है।
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राज्य सरकारों को निर्देश: श्री शाह ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) से आग्रह किया कि वे ड्रग विनिष्टीकरण (Destruction) की गति तेज करें और जिला स्तर पर नियमित बैठकें सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ड्रग्स बनाने और बेचने वालों के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाएगी, जबकि इसके शिकार (Victims) युवाओं के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखा जाएगा।



