नमामि गंगे मिशन : करोड़ों लोगों को मिलेगी सीवेज से मुक्ति, गंगा और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम तेज

नई दिल्ली: नदियों को निर्मल बनाने का संकल्प अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। नमामि गंगे मिशन-2 के तहत हाल ही में चालू की गई परियोजनाओं से न केवल नदियों का प्रदूषण कम होगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
जनता पर प्रभाव:
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बड़े पैमाने पर लाभ: अकेले आगरा में 25 लाख और वाराणसी में 18 लाख नागरिकों को बेहतर स्वच्छता ढांचा मिलेगा। उत्तर बैरकपुर और शुक्लागंज जैसे क्षेत्रों में भी लाखों लोग इससे सीधे लाभान्वित होंगे।
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मॉडल और मानक: अधिकांश परियोजनाएं हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर आधारित हैं और इन्हें एनजीटी (NGT) के कड़े मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
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लक्ष्य: यह मिशन “अविरल और निर्मल धारा” के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए शहरी स्वच्छता ढांचे को सुदृढ़ कर रहा है।
इन संयंत्रों के चालू होने से अनुपचारित सीवेज (Untreated Sewage) का नदियों में जाना बंद होगा, जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और जलीय जीवन का संरक्षण सुनिश्चित होगा।



