सोमनाथ पर आक्रमण के 1000 वर्ष: पीएम मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ से दिया सभ्यता के पुनरुत्थान का संदेश

 वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले विदेशी आक्रमण के एक हजार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ (8 से 11 जनवरी) में प्रधानमंत्री मोदी ने शिरकत की। यह पर्व भारत की अटूट आस्था और विपरीत परिस्थितियों में भी खड़े रहने के साहस का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री 11 जनवरी की सुबह लगभग 9:45 बजे ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल होंगे। यह 2 किलोमीटर लंबी यात्रा उन वीर योद्धाओं की स्मृति में निकाली जाती है जिन्होंने मंदिर की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस भव्य यात्रा में 108 घोड़े शामिल होंगे। यात्रा का समापन सद्भावना मैदान में होगा, जहाँ प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पूर्व वे मंदिर में विशेष जलाभिषेक और पूजा-अर्चना भी करेंगे।

प्रधानमंत्री के सोमनाथ दौरे के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • शनिवार शाम: राजकोट से आगमन, भव्य रोड शो और सोमनाथ मंदिर में महाआरती।

  • अखंड जाप: 72 घंटे चलने वाले ‘ऊं जाप’ अनुष्ठान में भागीदारी।

  • ड्रोन शो: 3000 ड्रोन्स द्वारा सोमनाथ गाथा का प्रदर्शन।

  • स्वाभिमान पर्व: 1026 के आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ (8-11 जनवरी) का आयोजन।

  • रविवार सुबह (आगामी): * 09:45 AM: 108 घोड़ों के साथ 2 किमी लंबी ‘शौर्य यात्रा’ में शामिल होंगे।

    • 11:00 AM: सद्भावना मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रम और जनसभा को संबोधन।

  • धार्मिक अनुष्ठान: मंदिर में दर्शन, पूजन और विशेष जलाभिषेक।

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