रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़े केरल; मोदी सरकार ने 10 वर्षों में राज्य को दिए 3.13 लाख करोड़: अमित शाह

केरल कौमुदी कॉन्क्लेव में अमित शाह ने केरल के लिए एक समावेशी आर्थिक मॉडल की वकालत की। उन्होंने कहा कि केरल को केवल ‘रेमिटेंस’ (विदेशों से आने वाला धन) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, क्योंकि यह हर नागरिक के विकास की गारंटी नहीं देता। उन्होंने आयुर्वेद, आईटी, सेमीकंडक्टर, समुद्री व्यापार और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को एक्सप्लोर करने पर जोर दिया।

विकास के प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां:

  • अर्थव्यवस्था: भारत 2014 में 11वें स्थान से उठकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और दिसंबर 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगा।

  • फंडिंग: यूपीए सरकार (2004-14) ने केरल को 72,000 करोड़ दिए थे, जबकि मोदी सरकार (2014-24) ने इसे बढ़ाकर 3.13 लाख करोड़ रुपये किया।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: पिछले 10 वर्षों में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में 610% की वृद्धि हुई है। केरल में रेलवे, रोड और एयरपोर्ट के लिए हजारों करोड़ का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

  • डिजिटल इंडिया: दुनिया के कुल डिजिटल लेनदेन का 50% आज अकेले भारत में हो रहा है।

 

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