शिव ही शाश्वत हैं: सोमनाथ में 1000 ड्रोन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पीएम मोदी का भावुक संबोधन

सोमनाथ की लहरों और मंत्रों की गूंज के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान सोमनाथ को ‘मृत्युंजय’ बताते हुए कहा कि समय भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने 72 घंटे के अखंड ओंकार जाप, 1000 ड्रोन शो और 108 घोड़ों की शौर्य यात्रा का उल्लेख करते हुए इस आयोजन को दिव्य बताया।
इतिहास के पन्नों से पीएम की प्रमुख बातें:
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प्रतिरोध की गाथा: गजनवी के हमले के बाद राजा कुमारपाल, अलाउद्दीन खिलजी के खिलाफ जालौर के शासक, और औरंगजेब के काल में अहिल्याबाई होल्कर द्वारा मंदिर के पुनरुद्धार का जिक्र किया।
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पूर्वजों का गौरव: पीएम ने कहा कि हमारे पूर्वजों का बलिदान हमारी चेतना में जीवित रहना चाहिए। रावल कन्हारदेव, हमीरजी गोहिल और वेग्दा भील जैसे नायकों को उचित सम्मान मिलना आवश्यक है।
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भारत का संदेश: भारत की सभ्यता दूसरों को हराने के लिए नहीं, बल्कि दिलों को जीतने और संतुलन बनाए रखने के लिए है।
पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि जो ताकतें देश को बांटना चाहती हैं, उन्हें सतर्कता और एकता से पराजित करना होगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ की गाथा सिखाती है कि तलवार की नोक पर किसी का दिल नहीं जीता जा सकता।
संबोधन की बड़ी बातें:
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ऐतिहासिक संयोग: सोमनाथ की स्वाभिमान यात्रा के 1000 वर्ष और 1951 के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष एक साथ पूरे हो रहे हैं।
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कनेक्टिविटी: केशोद एयरपोर्ट का विस्तार और अहमदाबाद-वेरावल वंदे भारत ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट्स से तीर्थयात्रियों के लिए राह आसान हुई है।
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आर्थिक लक्ष्य: पीएम ने भरोसा जताया कि महादेव के आशीर्वाद से भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
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सांस्कृतिक संरक्षण: सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय और गिर शेरों का संरक्षण भारत की समृद्ध परंपरा को मजबूती दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने औपनिवेशिक मानसिकता की आलोचना करते हुए कहा कि आजादी के बाद भी कुछ लोगों ने सोमनाथ जैसे प्रतीकों से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे महापुरुषों ने राष्ट्रीय गौरव को पुनर्जीवित किया।



