स्टार्टअप्स में नारी शक्ति का दबदबा: 45% स्टार्टअप्स में महिला निदेशक, पीएम मोदी ने ‘डिजिटल’ के बाद ‘मैन्युफैक्चरिंग’ पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के सामाजिक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब स्टार्टअप्स केवल बड़े औद्योगिक घरानों के बच्चों तक सीमित नहीं हैं। आज छोटे शहरों और गांवों के युवा अपनी मेधा से जटिल समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इस बदलाव में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि 45 प्रतिशत से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है।
पीएम ने भविष्य के लक्ष्यों को साझा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब भारतीय स्टार्टअप्स को ‘डिजिटल’ और ‘सर्विस’ सेक्टर के साथ-साथ ‘मैन्युफैक्चरिंग’ (विनिर्माण) क्षेत्र में भी विश्व स्तरीय उत्पाद बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप फंडिंग में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बन रहा है।
भारत मंडपम से स्टार्टअप्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भविष्य की तकनीक पर अपना विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय एआई (AI), सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन का है। पीएम ने घोषणा की कि अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही, छोटे स्टार्टअप्स को बड़ी तकनीक सुलभ कराने के लिए ‘भारत एआई मिशन’ के तहत 38,000 से अधिक जीपीयू (GPU) उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रक्षा और अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में अब लगभग 200 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। पीएम ने युवाओं से आह्वान किया कि फरवरी 2026 में होने वाला ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ उनके लिए वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार हर कदम पर स्टार्टअप्स के साथ खड़ी है और अगला दशक भारत के तकनीकी नेतृत्व का होगा।



