गणतंत्र दिवस 2026: VVIP कल्चर का अंत और युद्ध के अंदाज में मार्च करेंगे जवान, जानें क्या-क्या बदलेगा

इस बार गणतंत्र दिवस परेड में परंपराओं को नया रूप दिया गया है। समारोह की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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नदियों के नाम पर एनक्लोजर: परेड स्थल पर अब ‘VVIP’ लेबल नहीं दिखेंगे। सभी दर्शकों के बैठने वाले क्षेत्रों (Enclosures) का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। बीटिंग रिट्रीट में इनका नाम भारतीय वाद्ययंत्रों (बांसुरी, डमरू, वीणा आदि) पर होगा।
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बैटल एरे फॉर्मेशन: पहली बार सेना के जवान कर्तव्य पथ पर ‘फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन’ में मार्च करेंगे। यह वही युद्धक फॉर्मेशन है जो असल लड़ाई के दौरान उपयोग की जाती है।
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वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ: निमंत्रण पत्रों पर इस वर्षगांठ का विशेष लोगो होगा। परेड के अंत में इसी थीम के बैनर और गुब्बारे हवा में छोड़े जाएंगे।
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झांकियों का संगम: कुल 30 झांकियां निकलेंगी, जिनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 13 मंत्रालयों की होंगी। संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ विशेष आकर्षण होगी।
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शक्ति का प्रदर्शन: ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल, धनुष तोप और शक्तिबान जैसे स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन होगा।
गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
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यातायात प्रतिबंध: 17, 19, 20 और 21 जनवरी को सुबह 10.15 से दोपहर 12.30 बजे तक कर्तव्य पथ के आसपास ट्रैफिक बंद रहेगा। जनपथ, रफी मार्ग और मान सिंह रोड जैसे मुख्य चौराहों पर आवाजाही प्रभावित रहेगी।
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राष्ट्रपति भवन: गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट 1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा।
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विमानों का अभ्यास: फ्लाईपास्ट रिहर्सल के दौरान आसमान में राफेल और अपाचे जैसे विमानों की गर्जना सुनाई देगी।
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विशेष मेहमान: इस बार अलग-अलग पृष्ठभूमि के लगभग 10,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जो राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं।



