मौसम अपडेट

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रेगिस्तानी राज्य राजस्थान से लेकर मैदानी इलाकों तक पारा लुढ़क गया है। जयपुर मौसम केंद्र ने पूरे प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खुले इलाकों में न जाने की सलाह दी है। उधर, बिहार में भी इसका असर दिखने लगा है। पटना मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी।
पश्चिमी विक्षोभ दरअसल पश्चिम से आने वाले बादलों और हवाओं का एक तंत्र है, जो अक्सर सर्दियों में हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का कारण बनता है। इस बार यह सिस्टम काफी मजबूत है, जिसके चलते न केवल उत्तर भारत बल्कि आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है।
वेदर अपडेट: 9 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और बढ़ेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग ने देश के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
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यातायात और यात्रा: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 4 इंच बर्फ के कारण सभी उड़ानें रद्द। वैष्णो देवी यात्रा और प्रमुख हाईवे (NH-44) भी फिलहाल बंद।
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तापमान और हवाएं: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 60-65 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। 17 शहरों में शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया गया है।
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पहाड़ों का हाल: शिमला-मनाली में बर्फबारी से पर्यटकों के चेहरे खिले, लेकिन प्रशासन अलर्ट पर है। बिहार के किशनगंज में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक गिर गया है।
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आगामी चेतावनी: 25 और 26 जनवरी को दक्षिण भारत (तमिलनाडु, केरल) में भी आंधी-तूफान की संभावना है। 26 जनवरी से उत्तर भारत में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा।



