यूएसबीआरएल (USBRL) परियोजना का कमाल: अब हर मौसम में कश्मीर को मिलेगी अनाज की निर्बाध आपूर्ति

श्रीनगर: उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का परिवर्तनकारी प्रभाव अब धरातल पर दिखने लगा है। खाद्यान्न से भरी पहली पूरी रैक का अनंतनाग पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि घाटी अब आवश्यक वस्तुओं के लिए केवल सड़क परिवहन पर निर्भर नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रकों की निर्भरता कम होने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में भी स्थिरता आएगी।
आर्थिक प्रभाव: सेब, सीमेंट और उर्वरक के बाद अब अनाज के सफल रेल परिवहन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रतिकूल मौसम के दौरान भी अब घाटी में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार बना रहेगा, जिससे स्थानीय परिवारों को ऊँची कीमतों और कमी से राहत मिलेगी। यह स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वाकांक्षी रेल इंजीनियरिंग परियोजनाओं की सफलता का एक बड़ा संकेत है।



