रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और काजा कल्लास की मुलाकात: भारत-EU साझेदारी अब बनेगी ‘फोर्स मल्टीप्लायर’

नई दिल्ली: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और यूरोपीय संघ आयोग की उच्च प्रतिनिधि सुश्री काजा कल्लास के बीच नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को एक नई रणनीतिक ऊंचाई प्रदान करना था।
वैश्विक स्थिरता के लिए रक्षा उद्योगों का एकीकरण रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत और EU के संबंध लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर टिके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों पक्षों के रक्षा उद्योगों को वैश्विक हित के लिए अपने प्रयासों में समन्वय करना चाहिए। श्री सिंह के अनुसार, यह सहयोग न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करेगा, बल्कि यूरोपीय संघ की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ की आकांक्षा को भी पूरा करेगा।
यूरोप की ‘री-आर्म पहल’ में भारत की भूमिका बैठक में भारत की ओर से प्रस्ताव दिया गया कि भारतीय रक्षा उद्योग यूरोपीय संघ की ‘री-आर्म पहल’ (Re-arm initiative) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे समय में जब यूरोप अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) में विविधता लाने और जोखिम कम करने की कोशिश कर रहा है, भारत एक विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार भागीदार के रूप में उभरा है।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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तिथि और स्थान: 27 जनवरी, 2026, नई दिल्ली।
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साझा मूल्य: लोकतंत्र, बहुलवाद और कानून के शासन को साझेदारी का आधार बताया गया।
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फोर्स मल्टीप्लायर: रक्षा मंत्री ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं को जोड़कर हम भविष्य की चुनौतियों के लिए एक सशक्त डिफेंस इकोसिस्टम बना सकते हैं।
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हिंद महासागर पर फोकस: समुद्री सुरक्षा के लिए साझा प्रयासों और संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
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गणतंत्र दिवस की गरिमा: सुश्री कल्लास ने कर्तव्य पथ पर परेड में यूरोपीय संघ की उपस्थिति को एक विशेष सम्मान बताया।



