‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’: राष्ट्रपति ने बताया 2047 का रोडमैप

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन केवल सरकारी उपलब्धियों का ब्यौरा नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की एक रणनीतिक रूपरेखा है। उन्होंने ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे 85 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को गति दी गई है।
रणनीतिक बदलाव: राष्ट्रपति ने ‘इंडिया फर्स्ट’ की विदेश नीति और ग्लोबल साउथ की आवाज बनने पर गर्व व्यक्त किया। श्रीलंका में ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ और म्यांमार-अफगानिस्तान में भारत की ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका ने वैश्विक स्तर पर भारत का कद बढ़ाया है।
तकनीकी और पर्यावरण: भारत अब केवल उपभोगता नहीं बल्कि निर्माता बन रहा है। 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा और इस दशक के अंत तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य भारत को ‘ग्रीन पावरहाउस’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 10 नई फैक्ट्रियां भारत को इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के 10 बड़े बिंदु: बुनियादी ढांचे से लेकर अंतरिक्ष तक की उड़ान
राष्ट्रपति के संबोधन के मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:
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गरीबी उन्मूलन: बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से बाहर निकले।
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आर्थिक शक्ति: भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है; यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक मील का पत्थर है।
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टैक्स रिफॉर्म: 12 लाख रुपये तक की आय पर ‘जीरो टैक्स’ का ऐतिहासिक निर्णय।
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कनेक्टिविटी: मिजोरम की राजधानी आइजोल तक पहली बार पहुंची राजधानी एक्सप्रेस; भारत का मेट्रो नेटवर्क 1000 किमी पार कर दुनिया में तीसरे स्थान पर।
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डिजिटल और एआई: 10 लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण और 1000 ITI को ‘फ्यूचर रेडी’ बनाने का लक्ष्य।
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महिला सशक्तिकरण: ‘नमो ड्रोन दीदी’ और 2 करोड़ ‘लखपति दीदियों’ की सफलता; NDA से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट।
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सुरक्षा: माओवादी आतंक 126 जिलों से घटकर केवल 8 जिलों तक सीमित।
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अंतरिक्ष: गगनयान मिशन पर काम जारी और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना की तैयारी।
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कृषि: रिकॉर्ड 350 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन और मछली उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर।
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विरासत: प्राचीन पांडुलिपियों के लिए ‘ज्ञान भारतम’ अभियान और यूनेस्को द्वारा दीपावली को मान्यता।



